भीषण गर्मी और हीट वेव से मत्स्य पालकों को सतर्क रहने की दी सलाह
सवांददाता
जिले में भीषण गर्मी और हीट वेव का असर बढ़ने के बीच सहायक संचालक मत्स्योद्योग ने मत्स्य पालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से तालाबों का पानी गर्म हो रहा है और उसमें ऑक्सीजन की मात्रा घट रही है, जिससे मछलियों के मरने का खतरा बढ़ गया है।
अधिकारियों ने मत्स्य पालकों को निर्देश दिए हैं कि गर्मियों में तालाबों की नियमित निगरानी करें। यदि मछलियां पानी की सतह पर सांस लेती दिखाई दें तो यह ऑक्सीजन की कमी का संकेत है, ऐसे में तुरंतसावधानी के तौर पर दोपहर की तेज धूप में तालाबों में चारा डालने से बचें। मछलियों को सुबह सूर्योदय से पहले या शाम सूर्यास्त के बाद ही चारा दें।
एडवाइजरी में कहा गया है कि तालाबों का जलस्तर 5 से 6 फीट तक बनाए रखें, ताकि पानी जल्दी गर्म न हो। साथ ही सुबह और शाम के समय सबमर्सिबल पंप या ट्यूबवेल से ठंडा पानी डालें, जिससे पानी में घुलित ऑक्सीजन की मात्रा बनी रहे और मछलियों को नुकसान से बचाया जा सके।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन सावधानियों का पालन करने से मत्स्य पालक अपनी मछलियों को हीट स्ट्रोक और ऑक्सीजन की कमी से सुरक्षित रख सकते हैं। ताजे पानी का प्रवाह बढ़ाना चाहिए।




















