'रतलाम में विवाह समारोह: आठवें वचन से परंपरा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश'
सवांददाता
रतलाम में एक विवाह समारोह के दौरान भारतीय सनातन परंपरा के पालन का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। सामान्यतः विवाह में दूल्हा-दुल्हन मंडप में सात फेरे लेते हैं और सात वचन स्वीकार करते हैं, लेकिन इस अवसर पर एक विशेष प्रयोग किया गया।
बरबड़ रोड स्थित जोधा बाग में शास्त्री नगर निवासी विजय धनोतिया के सुपुत्र शुभम धनोतिया (जो पिछले सात वर्षों से अमेरिका में अमेज़ॉन कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं) का विवाह उज्जैन निवासी विमल कुमार दानगढ़ की सुपुत्री हर्षिता डबकरा से संपन्न हुआ। विवाह की रस्में पंडित तरुण द्विवेदी ने करवाईं। सात वचनों के बाद उन्होंने दूल्हा-दुल्हन से आठवां वचन भी दिलवाया—कि वे विदेश में रहते हुए भी भारतीय सनातन परंपरा और धर्म का पालन करेंगे तथा मातृभूमि के सम्मान को बनाए रखने का हर संभव प्रयास करेंगे। दूल्हा-दुल्हन ने इसे सहर्ष स्वीकार किया।कन्यादान के दौरान वंदना पोरवाल, कोपल पोरवाल झा, चेतना व्यास, रेणु अरोरा, नीलिमा उपाध्याय, वैशाली बोरगांवकर और राकेश पोरवाल ने नवविवाहित जोड़े को पौधा भेंट किया और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलवाई कि वे प्रतिवर्ष कम से कम पाँच पौधे लगाएंगे और उनकी देखभाल करेंगे। साथ ही वृक्षों की सुरक्षा का संकल्प भी लिया गया।
इस अनूठे आयोजन की शहरभर में चर्चा रही और नागरिकों को एक सकारात्मक संदेश मिला। समारोह में अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे, जिनमें रमेशचंद्र दानगढ़, नरसिंहलाल मंडवारिया, संतोष चौधरी, सावित्री पोरवाल, राजेश मोदी, गोपाल कृष्ण सोढाणी, अजय उपाध्याय, प्रमोद व्यास, प्रमोद रुनवाल, नितिन बोरगांवकर, आशीष अवस्थी, राजेश अरोड़ा, अतुल मित्तल, हरीश करनानी, डॉ. नरेंद्र कुमार गुप्ता, नरेंद्र शर्मा और सुनील पोरवाल शामिल थे।



















