रतलाम गीता मंदिर में प्रभुप्रेमी संघ का मासिक सत्संग सम्पन्न
सवांददाता
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rephraseरतलाम। स्थानीय गीता मंदिर, टीआईटी रोड पर प्रभुप्रेमी संघ द्वारा मासिक सत्संग -प्रार्थना कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा एवं आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए अध्यक्ष हरीश सुरोलिया एवम् सचिव प्रमोद राघव ने बताया कि इस अवसर पर रतलाम विकास प्राधिकरण के नव मनोनीत पदाधिकारियों का स्वागत एवं सम्मान भी किया गया।
कार्यक्रम में स्वागत उद् बोधन देते हुए संस्था के पूर्व अध्यक्ष केलाश व्यास ने परमपूज्य स्वामी अवधेशानंदजी महाराज के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि “जिह्वा पर सरस्वती का वास होता है, अतः उससे कभी कटु वचन, असत्य, अहंकार और निंदा नहीं करनी चाहिए।” स्वामीजी मृदुभाषिता का पौराणिक प्रसंग सुनाते हुए कहते है कि महर्षि विश्वामित्र, वशिष्ठ मुनि का वध करने के आशय से उनके आश्रम पहुँचे थे, किन्तु बाहर से उन्होंने वशिष्ठ मुनि को अपनी धर्मपत्नी से यह कहते सुना कि “विश्वामित्र विलक्षण तपस्वी एवं मनस्वी संत हैं, उनकी तपस्या की सुवास सर्वत्र व्याप्त है।” यह सुनकर विश्वामित्र का हृदय परिवर्तन हो गया और उन्होंने अपना निर्णय त्याग दिया। उन्होंने कहा कि स्वामीजी सदैव मधुर वाणी एवं सद् भाव का संदेश देते हैं।
प्रार्थना सत्संग में गायत्री मन्त्र, ॐकार मन्त्र, महामृत्युंजय मन्त्र, हनुमान चालीसा ,एवम् सुमधुर भजनों से वातावरण भक्तिमय हो गया .
इस अवसर पर रतलाम विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मनोहर पोरवाल ने परमपूज्य स्वामीजी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि वे एवं उनकी पूरी टीम पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण भाव से अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। गोविंद काकाणी एवं प्रवीण सोनी ने भी इसी संकल्प को दोहराया।
कार्यक्रम में प्राधिकरण के उक्त पदाधिकारियों एवम् सदस्य श्रीमती राखी व्यास, श्रीमती किरण महावर, धीरज व्यास एवं राजेंद्र सिंह गोयल का शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया।
प्रार्थना एवं सत्संग के उपरांत श्रीमती शारदापवन मुजावदिया तथा श्रीमती गुंजनप्रमोद राघव को जन्मदिवस की शुभकामनाएँ प्रेषित कर उनका भी सम्मान किया गया ।
प्रभुप्रेमी संघ की ओर से सीमा प्रभु, सरिता सुरोलिया ,संजय सोनी, राकेश पोरवाल, के.बी. व्यास, श्रीमती नीलू दुबे, मुकेश सोनी ,विष्णुदत्त नागर, विजयलक्ष्मी भट्ट, लल्लनसिंह ठाकुर, भूषण व्यास, वीरेंद्र जोशी, अनिल पोरवाल, योगेन्द्र दलाल आदि बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे ।
रतलाम के गीता मंदिर, टीआईटी रोड पर प्रभुप्रेमी संघ द्वारा आयोजित मासिक सत्संग एवं प्रार्थना कार्यक्रम श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण में सम्पन्न हुआ।
अध्यक्ष हरीश सुरोलिया और सचिव प्रमोद राघव ने बताया कि इस अवसर पर रतलाम विकास प्राधिकरण के नव-नियुक्त पदाधिकारियों का स्वागत एवं सम्मान भी किया गया। संस्था के पूर्व अध्यक्ष कैलाश व्यास ने परमपूज्य स्वामी अवधेशानंदजी महाराज के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिह्वा पर सरस्वती का वास होता है, इसलिए उससे कटु वचन, असत्य, अहंकार और निंदा नहीं करनी चाहिए। उन्होंने महर्षि विश्वामित्र और वशिष्ठ मुनि का प्रसंग सुनाते हुए मधुर वाणी और सद्भाव का महत्व समझाया।
सत्संग में गायत्री मंत्र, ॐकार मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र, हनुमान चालीसा और भजनों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। रतलाम विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मनोहर पोरवाल ने स्वामीजी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए दायित्वों को निष्ठा और समर्पण भाव से निभाने का संकल्प लिया। गोविंद काकाणी और प्रवीण सोनी ने भी इसी भावना को दोहराया।कार्यक्रम में पदाधिकारियों एवं सदस्यों का शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया। साथ ही श्रीमती शारदा पवन मुजावदिया और श्रीमती गुंजन प्रमोद राघव को जन्मदिवस की शुभकामनाएँ देकर उनका भी सम्मान किया गया।
इस अवसर पर सीमा प्रभु, सरिता सुरोलिया, संजय सोनी, राकेश पोरवाल, के.बी. व्यास, श्रीमती नीलू दुबे, मुकेश सोनी, विष्णुदत्त नागर, विजयलक्ष्मी भट्ट, लल्लनसिंह ठाकुर, भूषण व्यास, वीरेंद्र जोशी, अनिल पोरवाल, योगेन्द्र दलाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

















