डॉ. जयकुमार जलज स्मृति आयोजन : नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत
सवांददाता
रतलाम। साहित्यकार एवं भाषाविद् डॉ. जयकुमार ‘जलज’ की स्मृति में आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. मुरलीधर चांदनीवाला ने कहा कि जलजजी का व्यक्तित्व जितना सहज था, उनकी साहित्यिक प्रतिभा उतनी ही विराट और प्रभावशाली रही। उनके कारण रतलाम का नाम राष्ट्रीय साहित्य जगत में प्रतिष्ठित हुआ है।
आयोजन का शुभारंभ आई.एम.ए. हॉल, राजेन्द्र नगर में माँ सरस्वती और जलजजी के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. लीला जोशी ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को साहित्य के प्रति प्रेरित करेंगे और उन्हें रचनात्मक मार्गदर्शन देंगे।
कविता प्रतियोगिता परिणाम
“डॉ. जलज स्मृति कविता लेखन प्रतियोगिता–2025” दो वर्गों में आयोजित हुई:महाविद्यालयीन वर्ग
प्रथम: कुमारी रितिका जैन (स्वामी विवेकानंद कॉमर्स कॉलेज)
द्वितीय: अमन बेग (श्री साईं इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी)
तृतीय: सलेहा कुरेशी (शासकीय कन्या महाविद्यालय)
ओपन वर्ग
प्रथम: श्रीमती उदय कुंवर पंवार (सहायक मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय)
द्वितीय: डॉ. सुनीता जैन (शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय)
तृतीय: डॉ. अर्जुनसिंह पंवार (शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय)
दोनों वर्गों में क्रमशः ₹2500, ₹1500 और ₹1100 की नगद राशि, प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए।कार्यक्रम की विशेषताएँ
प्रतिभागियों द्वारा जलजजी की कविताओं का सस्वर पाठ
उनकी स्वयं की आवाज़ में रिकॉर्ड की गई कविता का श्रवण
संस्मरण और भावपूर्ण प्रस्तुतियाँ
शहर के साहित्यकारों, नागरिकों और संस्थाओं की बड़ी उपस्थिति
कार्यक्रम का संचालन आशीष दशोत्तर ने किया और आभार डॉ. मुनीन्द्र दुबे ने व्यक्त किया।
















