रतलाम में पेयजल समीक्षा बैठक: फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में उपेक्षा पर कलेक्टर सख्त, कार्यपालन यंत्री को नोटिस, बैठक निरस्त
रतलाम। जिले के ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति में हो रही लापरवाही को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जल जीवन मिशन के तहत आयोजित जिला जल एवं स्वच्छता समिति (DWSC) तथा वाश (WASH) की समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
सैलाना और बाजना क्षेत्रों में पिछले डेढ़ से दो वर्षों से फ्लोराइड रिमूवल प्लांट बंद पड़े होने और एक माह से मामला संज्ञान में होने के बावजूद कोई प्रभावी कदम न उठाए जाने पर कलेक्टर ने पीएचई के कार्यपालन यंत्री (EE) श्री सीताराम जांगड़े को तत्काल 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है। इसके साथ ही प्रकरण को विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सचिन सिंह के संज्ञान में लाकर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक से अधिकारी नदारद, कलेक्टर ने निरस्त की समीक्षा बैठक
बैठक में समीक्षा के मुख्य विषयों से जुड़े सैलाना की एसडीओ श्रीमती बिंदिया चौहान एवं जावरा के एसडीओ श्री अमृत धाकड़ अनुपस्थित रहे। महत्वपूर्ण अधिकारियों के गायब रहने पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों की गैर-मौजूदगी में समीक्षा का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता। इसके चलते उन्होंने बैठक को निरस्त कर दिया।
कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए हैं कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुश्री वैशाली जैन सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।










