जरा हटके: जब क्लासरूम में अचानक 'मास्टर साहब' बनकर पहुंचे कलेक्टर साहब, ब्लैकबोर्ड पर बच्चों को सिखाए गणित के फंडे!
रतलाम (विशेष प्रतिनिधि):
आमतौर पर प्रशासनिक अधिकारियों का दौरा फाइलों की जांच, कड़े निर्देशों और औपचारिकता तक ही सीमित नजर आता है। लेकिन रतलाम जिले के सांदीपनि विद्यालय रावटी में कुछ अलग ही नजारा देखने को मिला, जब 'मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान' के तहत निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया खुद शिक्षक की भूमिका में आ गए।
कलेक्टर श्री कटेसरिया विद्यालय पहुंचते ही सीधे कक्षाओं के अंदर चले गए। उन्होंने बच्चों के बीच पहुंचकर न सिर्फ उनका हाल-चाल जाना, बल्कि खुद ब्लैकबोर्ड पर पहुंचकर बच्चों को गणित पढ़ाने लगे।
कक्षा 4 और 5 में लगाई गणित की क्लास
कलेक्टर ने सबसे पहले चौथी कक्षा में पहुंचकर विद्यार्थियों से पाठ्यपुस्तकों और उनकी पढ़ाई को लेकर सीधी चर्चा की। उन्होंने ब्लैकबोर्ड पर भाग (डिवीजन) के प्रश्न लिखे और बच्चों को खुद हल करने के लिए प्रेरित किया। जब नन्हे-मुन्नों ने उत्साह के साथ सवालों के सही जवाब दिए, तो कलेक्टर ने उनकी पीठ थपथपाकर सराहना भी की।
इसके बाद वे पांचवीं कक्षा में पहुंचे। यहां उन्होंने बच्चों को गणित के मुश्किल लगने वाले सवालों को बेहद आसान और सहज तरीके से हल करने की तरकीबें (ट्रिक्स) सिखाईं। उन्होंने बच्चों से कहा कि गणित से डरने के बजाय उसे जिज्ञासा के साथ समझकर पढ़ें।
शिक्षकों को दिए निर्देश: 'बुनियादी शिक्षा पर रहे खास ध्यान'
कक्षाओं के निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने स्कूल के शिक्षकों से भी संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि:
विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
शिक्षा की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न हो।
बच्चों की बुनियादी गणितीय दक्षता (Foundational Numeracy) को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
इस दौरान सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन, सैलाना एसडीएम श्री जायसवाल सहित कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।














