- |
- ताज़ा खबरें |
- रतलाम शहर |
दत्तक ग्रहण के माध्यम से बालक को मिला नया आशियाना: कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने वात्सल्य भाव से बालक को दुलारा, नवीन परिवार के सुपुर्द किया
रतलाम (25.08.2026):
जिला प्रशासन रतलाम द्वारा बाल अधिकारों के संरक्षण और प्रत्येक बेसहारा बालक को सुरक्षित एवं स्नेहपूर्ण पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक भावुक और सुखद पहल की गई। कलेक्टर कार्यालय रतलाम में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया के मार्गदर्शन एवं उपस्थिति में दत्तक ग्रहण (Adoption) प्रक्रिया के तहत कानूनी आदेश जारी किए गए। इसके अंतर्गत शिशु गृह रतलाम में निवासरत बालक 'वेद' (परिवर्तित नाम) को विधिवत उसके दत्तक माता-पिता के सुपुर्द किया गया।
कलेक्टर ने दिया वात्सल्य और आशीर्वाद
दत्तक ग्रहण के इस भावुक अवसर पर कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने बालक वेद को अपनी गोद में लेकर वात्सल्यपूर्वक दुलारा और उसके उज्ज्वल एवं सुखद भविष्य का आशीर्वाद दिया। इस दौरान कलेक्टर कार्यालय परिसर का माहौल अपनत्व और वात्सल्य की संवेदनाओं से भर उठा।
कलेक्टर श्री कटेसरिया ने कहा कि हर बच्चे को परिवार का प्यार, सुरक्षा और संरक्षण मिलना उसका नैसर्गिक अधिकार है। उन्होंने कहा:
"दत्तक ग्रहण केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह एक असहाय बालक को जीवनभर का अपनापन, सुरक्षा और परिवार देने का एक पवित्र माध्यम है। बाल अधिकारों की रक्षा और उनके समग्र विकास की दिशा में दत्तक ग्रहण का यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण है।"
नए परिवार ने लिया बेहतर भविष्य का संकल्प
बालक को अपनी गोद में पाकर दत्तक माता-पिता के चेहरे पर अपार खुशी और भावुकता देखने को मिली। उन्होंने बालक को पूरे स्नेह, सुरक्षा, संस्कार और बेहतर शिक्षा प्रदान करने का संकल्प व्यक्त किया। दत्तक ग्रहण की इस कानूनी व प्रशासनिक प्रक्रिया के पूर्ण होने से बालक को अब एक सुरक्षित और प्रेमपूर्ण पारिवारिक वातावरण प्राप्त हो सका है, जहाँ उसका बचपन सुरक्षित हाथों में संवर सकेगा।
बाल कल्याण एवं संरक्षण की दिशा में सराहनीय प्रयास
रतलाम जिला प्रशासन एवं महिला व बाल विकास विभाग द्वारा दत्तक ग्रहण नियमों के तहत पारदर्शी और त्वरित कार्रवाई करते हुए बालक को नया जीवन और परिवार दिलाने में अहम भूमिका निभाई गई। इस पहल से जिले में बाल संरक्षण और गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया के प्रति जागरूकता को भी बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिशु गृह के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।










