कलेक्टर ने खुद पीकर चखा तालाब का पानी, बोले— "स्वादिष्ट और शीतल, स्वाद हिमालयन वाटर जैसा"
रतलाम, 5सितंबर। सैलाना प्रवास के दौरान रतलाम कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने शिवगढ़ वन परिक्षेत्र में 'हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट' द्वारा चलाए जा रहे सघन वन एवं जल संरक्षण कार्यों का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर ने न केवल 6 किलोमीटर पैदल चलकर वन क्षेत्र और पौधरोपण का निरीक्षण किया, बल्कि एक चेकडैम पर पहुंचकर वहां संग्रहित निर्मल और स्वच्छ पानी को खुद पीकर भी चखा।
पानी का स्वाद चखकर की सराहना
चेकडैम में जमा कांच जैसा साफ और शीतल जल देखकर कलेक्टर खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने तुरंत अपनी हथेलियों में पानी लेकर पिया और उसकी गुणवत्ता व स्वाद की जमकर तारीफ की। पानी पीने के बाद कलेक्टर श्री कटेसरिया ने उत्साहपूर्वक कहा— “इस प्राकृतिक जल का स्वाद तो बिल्कुल 'हिमालयन ड्रिंकिंग वाटर' जैसा शुद्ध और स्वादिष्ट है।” उन्होंने कहा कि वर्षा जल को इस तरह संरक्षित कर उसका उपयोग करना पर्यावरण और स्थानीय ग्रामीणों के लिए जीवनदायिनी साबित होगा।
समाचार के प्रमुख मुख्य अंश (Key Highlights):
859 हेक्टेयर में फैल रहा सघन वन:
हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट द्वारा 859 हेक्टेयर क्षेत्र में सघन वन विकसित किया जा रहा है। पिछले 3 वर्षों में यहाँ 2 लाख पौधों का रोपण और रखरखाव किया गया है, जबकि नर्सरी में बीजारोपण से 3 लाख से अधिक पौधे तैयार किए गए हैं। कुल 5 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है।
56 चेकडैम से 45 करोड़ लीटर जल संरक्षण:
क्षेत्र में पानी रोकने के लिए 56 चेकडैम बनाए गए हैं, जिनसे लगभग 45 करोड़ लीटर वर्षा जल संचित किया जा रहा है। इसके अलावा 2 करोड़ लीटर क्षमता के 3 बड़े सरोवर भी बनाए गए हैं। इस पानी का उपयोग 75 रेन गन और 70 हेक्टेयर में ड्रिप सिंचाई के लिए हो रहा है।
14 गांवों को मिलेगा फायदा, महिलाओं को रोजगार:
परियोजना के आसपास की 3 ग्राम पंचायतों के 14 गांवों को इस जल संरक्षण का सीधा लाभ मिलेगा। नर्सरी और वन कार्यों में 60% से अधिक स्थानीय महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित कर उन्हें रोजगार से जोड़ा गया है।
अतिक्रमण पर सख्त निर्देश और चंपा का रोपण:
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने वन क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण पर भी संज्ञान लिया और अधिकारियों को सुरक्षा के कड़े निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं चंपा का पौधा रोपकर संदेश दिया कि पौधों का रोपण जितना जरूरी है, उसकी देखरेख कर वृक्ष बनाना उससे भी अधिक आवश्यक है।
भ्रमण के दौरान सैलाना एसडीएम श्री कृष्णपाल सिंह बघेल, तहसीलदार श्री मनीष जैन, हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट के जिला समन्वयक श्री निलेश शुक्ला सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी व संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।










