शीतल तीर्थ गोशाला हेतु भूमि प्रदाता का किया अभिनंदन - मुनिसंघ की अगवानी में उमड़ा रतलाम जैन समाज
सवांददाता
रतलाम क्रोध बहुत बुरी चीज है और समता सबसे अच्छी चीज है, प्रतिकूल परिस्थितियों में भी जो स्वयं में समता को धारण कर पाते है वही वीर कहलाते है, ऐसे ही वीर आचार्य योगीन्द्र सागर जी मुनिराज की साधना से अभिसिंचित शीतल तीर्थ की भूमि निश्चित ही अतिशय युक्त है इसमें कोइ संशय नहीं। हम बहुत लंबे अंतराल के बाद यहां आए है, यहां बहुत कुछ बदल सा गया है पर क्षेत्र का अतिशय बढ़ता गया है। शीतल तीर्थ प्रवेश पश्चात आयोजित सभा में श्रुत संवेगी मुनि 108 श्री आदित्य सागर जी मुनिराज ने शीतल तीर्थ धामनोद पर अपने प्रवचन में उक्त बात कही ।
महावीर गांधी ने जानकारी देते हुए बताया कि 2024 में चर्या शिरोमणि पट्टाचार्य 108 श्री विशुद्ध सागर जी महामुनिराज के सानिध्य में श्री क्षेत्र का ऐतिहासिक पंचकल्याणक संपन्न हुआ था तब से ही क्षेत्र कमेटी लगातार श्रुत संवेगी मुनिसंघ से शीतल तीर्थ आगमन हेतु निवेदन करती आ रही है । इस वर्ष शुभ संयोग प्राप्त हुआ ओर मुनि संघ के साथ आर्यिका वरदमति माताजी ससंघ का आगमन श्री क्षेत्र पर हुआ । प्रातः काल से ही रतलाम समाज एक्सप्रेस वे के नजदीक एकत्रित होने लगी और विमल सन्मति युवा मंच एवं श्री संभव महिला मंडल के सदस्यों ने मुनिसंघ की भक्ति पूर्व अगवानी की, सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र बैंड ने अपने वाद्यों के साथ मुनि संघ को सलामी दी । ओर वही से शोभा यात्रा प्रारंभ हुई । सौभाग्यवती महिलाएं कलश लेकर साथ में चली तो रतलाम के सभी युवा व महिला मंडल भक्ति करते हुए नजर आ रहे थे । सर्वप्रथम गुरु मंदिर की वंदना करके पूरा मुनिसंघ मंच पर विराजित हुआ। जहां समाज के श्रेष्ठियों ने मुनिसंघ को श्रीफल अर्पित किया । सभा का मंगलाचरण श्री संभव पार्श्व युवा मंडल द्वारा किया गया।
श्रेष्ठ अधिष्ठात्री डॉ सविता दीदी ने सभी आगंतुकों को स्वागत उद्बोधन देते हुए बताया कि रविवार को पंचकल्याणक महोत्सव का द्वितीय वार्षिकोत्सव मनाया जाएगा एवं दोपहर में कैलाश पर्वत पर विराजित भगवान आदिनाथ का महामस्तकाभिषेक किया जाएगा।
भूदाता का किया अभिनंदन -
श्री क्षेत्र पर संचालित गौशाला में वर्तमान में 230 गोवंश संरक्षित है तथा स्थान की कमी बनी रहती है इसे देखते हुए रतलाम के समाज श्रेष्ठी श्री मानमल जी पीयूष जी गर्ग (गर्ग अगरबत्ती) परिवार द्वारा 1 बीघा भूमि क्षेत्र को दान स्वरूप प्रदान की गई । इसकी अनुमोदना करते हुए संपूर्ण कमेटी द्वारा श्रेष्ठी परिवार को अभिनंदन पत्र देते हुए सम्मान किया । इस अवसर पर समाजजन व क्षेत्र के नागरिक मौजूद थे उक्त जानकारी तीर्थ प्रवक्ता राकेश पोरवाल ने दी ।



















