अव्यवस्था के खिलाफ कलम को हथियार बनाएं पत्रकार __शरदजोशी
सवांददाता
मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की जिला इकाई की बैठक में वार्षिक सदस्यता कार्ड वितरित किए गए तथा शहर और जिले की जन समस्याओं पर प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष राजेश जैन ने की, जबकि प्रदेश के पूर्व वरिष्ठ मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष एवं ऑनलाइन सदस्यता के प्रदेश संयोजक शरद जोशी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में सदस्यों ने रोष व्यक्त करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया कि शासकीय समितियों में पत्रकारों को शामिल नहीं किया जा रहा है। हाल ही में बनी जिला सलाहकार विकास समिति में केवल सत्तारूढ़ दल के नेताओं को स्थान दिया गया है, जबकि अन्य समितियों जैसे रोगी कल्याण समिति में भी यही स्थिति है। सड़क सुरक्षा समिति सहित कई नागरिक सलाहकार समितियां गठित ही नहीं हुई हैं, जिसके कारण यातायात व्यवस्था बदहाल है। पुलिस ने यातायात को राम भरोसे छोड़ दिया है, आवारा कुत्तों से राहगीर परेशान हैं और अधिकारी जन समस्याओं पर आधारित संदेशों या समाचारों को गंभीरता से नहीं शहर की स्थिति लावारिस जैसी हो गई है—खंडहर होता राजमहल अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है, नगर निगम मनमाना कर वसूल रहा है और नेताओं की चुप्पी जनता में चर्चा का विषय बनी हुई है। इन मुद्दों पर शीघ्र ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ध्यानाकर्षण पत्र भेजा जाएगा।
इस अवसर पर शरद जोशी ने कहा कि पत्रकार जनता की आवाज बनें। समस्याएं विकराल रूप ले रही हैं, अफसर मनमानी कर रहे हैं और जनता न्याय के लिए भटक रही है। ऐसे में कलमकार ही उनकी आवाज बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि अंधभक्ति से समाज और देश का भला नहीं होगा।
राजेश जैन ने कहा कि शासकीय समितियों में पत्रकारों को शामिल न करना निंदनीय है। पूर्व सरकारों में हर सलाहकार समिति में पत्रकारों को प्रतिनिधित्व मिलता था। संघ अपने विधान के अनुसार पत्रकारों के साथ ही जनहित में कलम का उपयोग करेगा।बैठक में वरिष्ठ पत्रकार गोविन्द उपाध्याय, प्रदेश संयुक्त सचिव भेरुलाल टांक, संभागीय महासचिव विजय मीणा सहित कई सदस्यों ने विचार रखे। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष आरिफ कुरैशी, महासचिव दिनेश दवे तथा ग्रामीण क्षेत्रों से आए पत्रकार उपस्थित रहे।


















