विश्व सिकल सेल दिवस पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित, सिकल सेल मुक्त समाज बनाने का लिया संकल्प
सवांददाता
रतलाम, 19 जून। विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय स्थित डे-केयर सेंटर में सिकल सेल जैसी अनुवांशिक बीमारी से ग्रस्त बच्चों के जन्म को रोकने एवं जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. अखंड प्रताप सिंह, प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष सिंह, डॉ. आर.आर.सी. डामोर, सिकल सेल नोडल अधिकारी डॉ. जितेंद्र जायसवाल तथा जिला रोगी कल्याण समिति सदस्य एवं काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के सचिव गोविंद काकानी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में थैलेसीमिया योद्धा वर्षा पवार ने स्वागत भाषण देते हुए आयोजन की जानकारी दी तथा सिकल सेल एवं थैलेसीमिया जैसी अनुवांशिक बीमारियों से होने वाली परेशानियों पर प्रकाश डालते हुए इनके रोकथाम अभियान में सभी से सहयोग का आह्वान किया। गोविंद काकानी ने सिकल सेल-थैलेसीमिया मुक्त मध्यप्रदेश जनजागरण समिति द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि इस अनुवांशिक बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए समाज को राज्य एवं केंद्र सरकार के प्रयासों में सक्रिय सहयोग देना होगा। सामूहिक जागरूकता और समय पर जांच के माध्यम से ही सिकल सेल मुक्त समाज का निर्माण संभव है। इस अवसर पर काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा हाल ही में आग बुझाने में साहसिक सहयोग करने वाले सिक्योरिटी गार्ड कमलेश तथा बोन मैरो ट्रांसप्लांट से लाभान्वित हुई बालिका निदा के दादाजी फिरोज खान एवं बोन मैरो डोनर तनवीर को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. अखंड प्रताप सिंह ने सिकल सेल बीमारी के उपचार, आवश्यक दवाइयों एवं सावधानियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने परिजनों से बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने तथा समय पर उपचार एवं नियमित जांच कराने की अपील की। सिकल सेल नोडल अधिकारी डॉ. जितेंद्र जायसवाल ने जिले में सिकल सेल नियंत्रण एवं जागरूकता के लिए संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में बाल चिकित्सालय की मैट्रन रानी नेल्सन, डे-केयर सेंटर प्रभारी अलका चौधरी, रेखा वसुनिया, अर्चना जोसेफ एवं ओमप्रकाश प्रजापत ने अतिथियों का पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर सिकल सेल एवं थैलेसीमिया से प्रभावित बच्चों प्रियंका, अंकित थावरचंद, अंकित करण सिंह, हर्षु, अंबिका, आदर्श, पूजा, आरोही एवं पायल का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन अलका चौधरी ने किया तथा आभार प्रदर्शन अर्चना जोसेफ ने व्यक्त किया।


















