डायरिया रोकथाम अभियान के तहत ग्रामीणों को सिखाई जल गुणवत्ता जांच की तकनीक
डायरिया रोकथाम के लिये चल रहे देशव्यापी अभियान के तहत जिले के विभिन्न गांवों में जल गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जा रही है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री एस आर जांगड़े मार्गदर्शन में जिले मे यह अभियान पीएचई विभाग के मैदानी अमले द्वारा चलाया जा रहा है!
इसी क्रम में रतलाम विकासखंड के ग्राम रत्तागढ़ खेड़ा में जल एवं स्वच्छता संबंधी कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें ग्रामवासियों, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पेयजल स्रोतों से प्राप्त पानी की फील्ड टेस्टिंग किट के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण करने का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिला सलाहकार श्री आनंद व्यास एवं विकासखंड समन्वयक श्री बबन बेनल ने ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों को नल-जल योजना के संचालन एवं संधारण, जलकर संग्रहण, प्रत्येक परिवार तक समान जलदाब से पेयजल उपलब्ध कराने तथा स्वच्छ जल एवं समग्र स्वच्छता सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक जानकारी दी। साथ ही गांव के पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन एवं स्वच्छता सर्वेक्षण भी किया गया।
स्वास्थ्य विभाग की सीएचओ सुश्री नीलम तिवारी ने दूषित जल एवं गंदगी से होने वाली बीमारियों तथा उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। ग्रामीणों को भूजल संवर्धन, जल संरक्षण, जल के दुरुपयोग को रोकने तथा सुरक्षित एवं समुचित जल उपयोग के लिए भी प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि श्री भंवरलाल, श्री भागीरथ राठौड़, श्रीमती शोभा पाटीदार, श्रीमती सुगन सेन, श्री रामसिंह देवड़ा, श्रीमती दमयंती सिसोदिया, पंचगण, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, ग्रासरूट वर्कर्स एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।





















