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रतलाम कलेक्ट्रेट में मानवाधिकार आयोग की जनसुनवाई: अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने दिए संवेदनशीलता से त्वरित निराकरण के निर्देश
रतलाम। राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में नागरिकों की समस्याएं सुनीं और विभिन्न विभागों से जुड़े 25 लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कड़े शब्दों में हिदायत दी कि आम जनता की शिकायतों का निराकरण केवल कागजी न हो, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण और संवेदनशीलता अपनाते हुए उन्हें पूर्ण संतुष्टि प्रदान की जाए।
"मानव अधिकारों की सुरक्षा आयोग का मूल संकल्प"
जनसुनवाई के दौरान डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि नागरिक अधिकार और मानव अधिकार एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। अधिकारियों की यह प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वे हर आवेदक की बात को पूरे धैर्य और गंभीरता के साथ सुनें।
"जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य आम नागरिक को यह अहसास कराना है कि उसकी बात सुनी जा रही है। किसी भी शिकायत के निपटारे में तकनीकी पेचों के बजाय मानवीय पहलू को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।" — डॉ. अवधेश प्रताप सिंह, अध्यक्ष, राज्य मानव अधिकार आयोग
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मामलों पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक में कुल 25 में से 11 मामले अकेले पुलिस विभाग से संबंधित थे। आयोग अध्यक्ष ने मामलों में अब तक हुई पुलिस कार्रवाई का ब्योरा तलब किया। जनसुनवाई में कई गंभीर और संवेदनशील मुद्दे सामने आए:
स्वास्थ्य लापरवाही व जीवन रक्षा: रतलाम मेडिकल कॉलेज में एक आदिवासी महिला के इलाज में हुई लापरवाही और स्वास्थ्य विभाग में उपचार के दौरान अन्य अनियमितताओं की जांच के निर्देश दिए गए।
बच्चों व महिलाओं से संबंधित अपराध: बालक की गुमशुदगी, हत्या, दुष्कर्म और बालिकाओं के टीकाकरण से जुड़े मामलों में त्वरित वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
हादसे और प्रशासनिक चूक: ताजिए के जुलूस के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से हुई मौत के मामले में जारी जांच की प्रगति जानी और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए।
जावरा स्कूल मामले में जांच कमेटी गठित करने के आदेश
जावरा उच्च माध्यमिक विद्यालय में समय पर स्टाफ रूम न खोले जाने और अन्य अव्यवस्थाओं की शिकायत को बेहद गंभीरता से लेते हुए आयोग अध्यक्ष ने तत्काल जांच कमेटी गठित करने के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों का भविष्य सबसे ऊपर है और शिक्षण संस्थानों में सकारात्मक माहौल होना अनिवार्य है। जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अतिरिक्त नगर निगम में दिव्यांग भर्ती में पारदर्शिता, महिला एवं बाल विकास विभाग में रोके गए वेतन, गैस पाइपलाइन लीकेज और भूमि पर कब्जे जैसे जनहित के कई अन्य मामलों पर भी मौके पर ही संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए गए।
प्रशासनिक अमला रहा मौजूद
जनसुनवाई और समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) श्री अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ सुश्री वैशाली जैन, अपर कलेक्टर श्री बृजेंद्र रावत, नगर निगम आयुक्त श्री अनिल भाना और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे ।#rtmnewstoday #rtm #news #ratlam #ratlamnews #ratlamlocalnews










