रतलाम में अब 7 केंद्रों पर होगी विकेंद्रीकृत जनसुनवाई: ग्रामीणों को नहीं काटने पड़ेंगे जिला मुख्यालय के चक्कर
रतलाम। जिले के दूर-दराज के क्षेत्रों से अपनी छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचने वाले आम नागरिकों को अब बड़ी राहत मिलने जा रही है। कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने शासन की मंशा के अनुरूप शिकायतों के त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी निराकरण के लिए जिले में 'विकेंद्रीकृत जनसुनवाई' व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है। इसके तहत अब प्रत्येक मंगलवार को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक जिले भर के कुल 07 प्रमुख केंद्रों पर जनसुनवाई आयोजित की जाएगी।
इस नई व्यवस्था से नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय के बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि उनके अपने अनुविभाग और विकासखंड स्तर पर ही समस्याओं का सक्षम अधिकारियों द्वारा मौके पर ही निराकरण किया जाएगा।
इन 7 केंद्रों पर आयोजित होगी जनसुनवाई
नगर निगम रतलाम क्षेत्र: आयुक्त, नगर पालिक निगम रतलाम
रतलाम अनुविभाग: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), रतलाम
सैलाना अनुविभाग: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सैलाना
बाजना विकासखंड: जनपद पंचायत कार्यालय, बाजना
जावरा अनुविभाग: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जावरा
पिपलौदा विकासखंड: जनपद पंचायत कार्यालय, पिपलौदा
आलोट अनुविभाग: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), आलोट
एसडीएम का रोस्टर और अधिकारियों की मौजूदगी
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार सैलाना और जावरा के एसडीएम (SDM) एक सप्ताह अपने मुख्यालय कार्यालय में और अगले सप्ताह क्रमशः बाजना व पिपलौदा जनपद पंचायत कार्यालय में स्वयं उपस्थित रहकर जनसुनवाई का नेतृत्व करेंगे। जिस सप्ताह एसडीएम उपस्थित नहीं होंगे, वहां निर्दिष्ट अधिकारी सुनवाई का संचालन करेंगे।
जनसुनवाई केंद्रों पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जनपद सीईओ सहित राजस्व, खाद्य, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, कृषि, महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) और सामाजिक न्याय विभाग के सक्षम अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। जिला स्तरीय अधिकारियों की भी समय-समय पर इन केंद्रों पर ड्यूटी लगाई जाएगी।
केवल आवेदन आगे सरकाना निराकरण नहीं माना जाएगा
कलेक्टर श्री कटेसरिया ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि जनसुनवाई में प्राप्त हर आवेदन का पंजीयन कर आवेदक को तुरंत पावती दी जाए। जिन मामलों का समाधान मौके पर संभव हो, उनका तत्काल निराकरण किया जाए।
"किसी आवेदन को केवल एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में अग्रेषित (forward) कर देना निराकरण नहीं कहलाएगा। जिन मामलों की जांच आवश्यक है, उनमें समय-सीमा तय कर उत्तरदायी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाए। स्थानीय स्तर के मामलों को बेवजह जिला मुख्यालय न भेजा जाए। केवल अंतर-विभागीय समन्वय या नीतिगत निर्णयों से जुड़े मामलों को ही स्पष्ट रिपोर्ट के साथ जिला कार्यालय भेजें।" — अजय कटेसरिया, कलेक्टर, रतलाम
प्रशासन ने ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों और लोक सेवा केंद्रों (ASK) के माध्यम से इन 07 जनसुनवाई केंद्रों के स्थान व समय का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं ताकि आम जनता इसका अधिक से अधिक लाभ उठा सके।










