कहानी बदलाव की: पीएमईजीपी से राहुल के छोटे कारोबार को मिली नई उड़ान, 20 हजार की आय बढ़कर हुई 80 हजार रुपये
विशेष संवाददातारतलाम, 4 अक्टूबर 2026। समाज में ऐसे कई युवा हैं जो अपनी कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन के बल पर शून्य से शिखर तक का सफर तय करते हैं। केंद्र और राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं ने ऐसे ही युवाओं के सपनों को पंख देने का काम किया है। रतलाम जिले के ग्राम ईश्वरथूनी के रहने वाले 31 वर्षीय युवा राहुल गुर्जर आज ऐसे ही युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) से मिले आर्थिक सहयोग के चलते राहुल ने न केवल अपने छोटे से कारोबार को विस्तार दिया है, बल्कि वे स्वयं आत्मनिर्भर बनकर दूसरों को भी रोजगार का अवसर प्रदान कर रहे हैं। संघर्ष से सफलता तक: एक छोटे एमपी ऑनलाइन केंद्र की शुरुआतग्राम ईश्वरथूनी निवासी राहुल गुर्जर अपनी आजीविका चलाने के लिए पहले भी एक छोटा 'एमपी ऑनलाइन' केंद्र संचालित करते थे। हालांकि, सीमित संसाधनों और पूंजी की कमी के कारण उनकी दुकान बहुत छोटे स्तर पर संचालित होती थी। राहुल अकेले ही दुकान का पूरा कामकाज संभालते थे, जिससे ग्राहकों को भी समय पर सेवाएं मिलने में कठिनाई होती थी और व्यवसाय की आय भी सीमित बनी हुई थी। राहुल का सपना था कि वे अपनी दुकान को आधुनिक संसाधनों से लैस कर एक बड़ा डिजिटल सेवा केंद्र बनाएं, जहाँ ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे सभी नागरिक और शासकीय सेवाएं उपलब्ध हो सकें। लेकिन वित्तीय बाधाओं के कारण उनका यह सपना साकार नहीं हो पा रहा था।पीएमईजीपी योजना से मिली 10 लाख की वित्तीय सहायता और 25% सब्सिडीराहुल की किस्मत ने तब करवट ली जब उन्हें उद्योग विभाग की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना के बारे में जानकारी मिली। वर्ष 2023 में राहुल ने योजना के तहत आवेदन किया। उद्योग विभाग के मार्गदर्शन में सेंट्रल बैंक के माध्यम से उन्हें 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इस योजना की सबसे खास बात यह रही कि इसमें राहुल को 25 प्रतिशत सब्सिडी (अनुदान) का प्रत्यक्ष लाभ भी प्राप्त हुआ। ऋण राशि और सब्सिडी प्राप्त होने के बाद राहुल ने बिना समय गंवाए अपने व्यवसाय के पुनर्गठन और विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने अपनी दुकान को नया, आधुनिक स्वरूप दिया और डिजिटल सेवाओं के लिए आवश्यक सभी आधुनिक उपकरण खरीदे। वर्तमान में उनके केंद्र पर तीन कंप्यूटर, एक लैपटॉप और चार आधुनिक प्रिंटर काम कर रहे हैं। एक ही छत के नीचे ग्रामीणों को मिल रही हैं दर्जनों ऑनलाइन सेवाएंराहुल के इस आधुनिक एमपी ऑनलाइन केंद्र के शुरू होने से ग्राम ईश्वरथूनी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बहुत बड़ी राहत मिली है। पहले जिन्हें छोटे-छोटे फॉर्म भरने या ऑनलाइन दस्तावेजों के लिए शहर या दूर-दराज के चक्कर लगाने पड़ते थे, वे सभी कार्य अब इसी केंद्र पर आसानी से संपन्न हो जाते हैं।वर्तमान में राहुल के केंद्र पर निम्नलिखित प्रमुख सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं: पहचान और बैंकिंग संबंधी कार्य: फोटो कॉपी, लेमिनेशन, आधार से राशि की निकासी एवं जमा। नागरिक एवं व्यक्तिगत दस्तावेज: पैन कार्ड, समग्र आईडी एवं ई-केवाईसी, आय एवं मूल निवासी प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस आवेदन। व्यापारिक एवं शासकीय सेवाएं: उद्यम पंजीयन, ई-स्टॉम्प, एग्रीमेंट, खाता-खसरा एवं नक्शा नकल, एफएसएसएआई (FSSAI) फूड लाइसेंस, अकाउंटिंग, आईटीआर (ITR) और जीएसटी (GST) फाइलिंग। स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा: आयुष्मान कार्ड निर्माण और विभिन्न लोकसेवा केंद्र संबंधी कार्य। इसके अलावा, शासकीय स्वरोजगार योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, गुमास्ता पंजीयन, बिरसा मुंडा एवं टंट्या मामा योजना, तथा संत रविदास एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर योजना से संबंधित आवेदन भी उनके केंद्र पर प्रमुखता से किए जाते हैं। चार गुना बढ़ी आय, जीवनशैली और बच्चों की शिक्षा में आया सकारात्मक बदलावव्यवसाय के विस्तार का सीधा असर राहुल गुर्जर की आर्थिक स्थिति पर पड़ा है। राहुल बताते हैं कि जब वे छोटे स्तर पर दुकान चलाते थे, तब उनकी मासिक आय बमुश्किल 20 हजार रुपये के आसपास होती थी। लेकिन आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और सेवाओं का दायरा बढ़ने के बाद अब उनकी प्रतिमाह आय बढ़कर लगभग 70 से 80 हजार रुपये हो गई है। आय में हुई इस लगभग चार गुना वृद्धि ने राहुल के परिवार के जीवन स्तर को पूरी तरह बदल दिया है। अब उनके बच्चे गाँव की सीमाओं से निकलकर निजी स्कूलों में बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। परिवार का भविष्य सुरक्षित हुआ है और आर्थिक तंगी दूर हो चुकी है। खुद बने मालिक, 4 अन्य लोगों को भी दे रहे हैं रोजगारराहुल की इस सफलता की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि वे खुद आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ दूसरों के लिए भी मददगार बने हैं। एक समय जो राहुल अकेले पूरी दुकान संभाला करते थे, आज उनके एमपी ऑनलाइन केंद्र पर स्वयं उनके अलावा तीन अन्य युवाओं को नियमित रोजगार मिला हुआ है। इस प्रकार कुल चार परिवार इस केंद्र के माध्यम से अपनी आजीविका चला रहे हैं। राहुल भविष्य में अपने इस केंद्र का और अधिक विस्तार करने का सपना देखते हैं, ताकि वे अपने क्षेत्र के अधिक से अधिक लोगों को जोड़ सकें और उन्हें आधुनिक डिजिटल सेवाएं दे सकें। सरकार और उद्योग विभाग का जताया आभारअपनी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राहुल गुर्जर कहते हैं:"प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम ने मेरे जीवन को एक नई दिशा दी है। योजना के माध्यम से मिले आर्थिक सहयोग और 25% सब्सिडी ने मेरे छोटे से सपने को बड़े आकार में बदलने का काम किया। मैं इस योजना के लिए प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार और जिला उद्योग विभाग का दिल से आभार व्यक्त करता हूँ, जिनकी वजह से आज मैं न केवल अपने परिवार को बेहतर जीवन दे पा रहा हूँ, बल्कि अन्य युवाओं को रोजगार देने में भी सक्षम बना हूँ।" ग्राम ईश्वरथूनी के राहुल गुर्जर की यह सफलता की कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि यदि सही समय पर युवाओं को शासकीय योजनाओं का संबल और वित्तीय सहयोग मिल जाए, तो वे न केवल आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार कर सकते हैं, बल्कि दूसरों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।












