कलेक्टर श्री कटेसरिया ने बच्चों के साथ बेंच पर बैठकर ली एग्रीकल्चर क्लास कलेक्टर ने बच्चों से पूछे पेड़-पौधों और लकड़ियों से जुड़े सवाल, रोचक संवाद से बढ़ाया व्यवहारिक ज्ञान व्यवहारिक कृषि ज्ञान को पढ़ाई से जोड़ने के दिए निर्देश
कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने सांदीपनि विद्यालय नामली में बच्चों के साथ बेंच पर बैठकर एग्रीकल्चर क्लास ली। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई, वर्तमान में चल रहे पाठ तथा अब तक पढ़ाए गए पाठों की जानकारी ली।
कलेक्टर श्री कटेसरिया ने बच्चों की पुस्तक का अवलोकन किया। पुस्तक में फूलों के नाम के अंतर्गत ट्यूबर रोज का उल्लेख था। उन्होंने बच्चों से ट्यूबर रोज का हिंदी नाम पूछा, जिसका उत्तर विद्यार्थी नहीं दे पाए। कलेक्टर ने बच्चों को ट्यूबर रोज के हिंदी नाम रजनीगंधा की जानकारी दी।
कलेक्टर ने बच्चों को विभिन्न वृक्षों एवं लकड़ियों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने सागौन, साल एवं सेमल जैसे वृक्षों की विशेषताओं के बारे में बताया और बच्चों से भी इनके संबंध में प्रश्न किए। उन्होंने पूछा कि कौन-सी लकड़ी पानी में खराब नहीं होती। बच्चों द्वारा उत्तर नहीं दिए जाने पर कलेक्टर ने बताया कि जामुन की लकड़ी पानी में खराब नहीं होती, हालांकि यह अपेक्षाकृत कमजोर लकड़ी होती है।
कलेक्टर श्री कटेसरिया ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक कृषि एवं प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित ज्ञान भी दिया जाए, ताकि बच्चे अपने आसपास के पेड़-पौधों, कृषि एवं प्रकृति को समझते हुए उपयोगी जानकारी प्राप्त कर सकें।













