'संस्कार ही सफलता का मूल मंत्र, शिक्षा व संस्कारों से संभव है लक्ष्य प्राप्ति': शासकीय कन्या स्कूल में महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल की संस्कार पाठशाला आयोजित
रतलाम।
शहर की अग्रणी व प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था 'महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल' द्वारा समाज निर्माण एवं भावी पीढ़ी को उत्कृष्ट जीवन मूल्यों से जोड़ने के ध्येय से एक विशेष 'संस्कार पाठशाला' का गरिमामय आयोजन अजंता रोड स्थित शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय परिसर में किया गया।
पाठशाला के मुख्य वक्ता एवं संस्था अध्यक्ष डॉ. प्रदीप जैन ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि केवल भौतिक शिक्षा पाना ही जीवन की पूर्णता नहीं है, बल्कि संस्कारों का समावेश ही किसी भी व्यक्ति को सफलता के सर्वोच्च शिखर तक पहुँचाता है।
शिक्षा और संस्कार से ही लक्ष्य प्राप्ति संभव: डॉ. प्रदीप जैन
संस्कार पाठशाला में छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप जैन ने कहा:
"संस्कार ही मानव जीवन में सफलता का मूल मंत्र हैं। शिक्षा हमें ज्ञान देती है, परंतु संस्कार उस ज्ञान का सही दिशा में उपयोग करना सिखाते हैं। यदि विद्यार्थी अपना लक्ष्य निर्धारित कर पूरी योजनाबद्ध तरीके से और अपने नैतिक संस्कारों को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे, तो सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमेगी।"
उन्होंने छात्राओं को समय का सही प्रबंधन करने, अनुशासन में रहने तथा कठिन परिस्थितियों में भी अपनी संस्कृति और मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान किया।
सामूहिक प्रार्थना, योगासन और संस्कार शिक्षा से हुआ शुभारंभ
संस्कार पाठशाला का औपचारिक शुभारंभ अत्यंत पवित्र वातावरण में सामूहिक 'महावीर प्रार्थना' के साथ हुआ।
योग और प्राणायाम का अभ्यास: प्रसिद्ध योग गुरु विशाल वर्मा ने छात्राओं को विभिन्न प्राणायाम और योगासन का अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क और अच्छे संस्कारों का वास होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से दैनिक जीवन में नियमित योग अपनाने और संतुलित जीवन शैली जीने का आग्रह किया।
माता-पिता व गुरुजनों के सम्मान पर बल: 'पेसिफिक ट्यूटोरियल' के प्रशांत छाजेड़ ने जीवन में माता-पिता और गुरुजनों के स्थान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारे संस्कार ही हमारी असली पहचान हैं और गुरु व माता-पिता के प्रति सम्मान भाव ही जीवन की वास्तविक प्रगति का आधार है।
प्रशासन ने सराहे सामाजिक प्रयास; सामग्री का हुआ वितरण
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित शिक्षा समन्वयक अधिकारी विवेक नागर ने महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल द्वारा शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए चलाए जा रहे सेवा प्रकल्पों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से शासकीय स्कूलों के बच्चों में आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों का विकास होता है।
इस अवसर पर संस्था द्वारा सामाजिक सरोकार निभाते हुए विद्यालय की छात्राओं को उपयोगी लेखन सामग्री, पाठ्य सामग्री एवं पौष्टिक खाद्य सामग्री का नि:शुल्क वितरण किया गया, जिससे छात्राओं के चेहरे खिल उठे।
अन्य विद्यालयों में भी आयोजित होंगी संस्कार पाठशालाएँ: महेंद्र छाजेड़
संस्था के संस्थापक सचिव महेंद्र छाजेड़ ने संस्था के भावी संकल्पों की जानकारी देते हुए बताया कि महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल केवल इसी विद्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में शहर एवं ग्रामीण अंचल के अन्य शासकीय व निजी विद्यालयों में भी इसी प्रकार की 'संस्कार पाठशालाओं' का आयोजन किया जाएगा। इन पाठशालाओं के माध्यम से प्रतिभावान एवं जरूरतमंद छात्रों का उचित मार्गदर्शन कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने में हर संभव मदद प्रदान की जाएगी।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्राचार्या राधा पाटीदार ने अतिथियों का स्वागत कर आभार व्यक्त किया। उन्होंने महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से छात्राओं को न केवल नई दिशा मिलती है, बल्कि वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी बेहतर ढंग से समझ पाती हैं।













