रतलाम में खेल प्रतिभा का ढंका: 37वीं वेस्ट ज़ोन जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भूमिका डोडियार ने जीता कांस्य पदक; विद्यालय परिसर में हुआ भव्य स्वागत
रतलाम।
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले का नाम राष्ट्रीय खेल क्षितिज पर एक बार फिर गर्व से स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो गया है। रतलाम स्थित श्री नित्यानंद एकीकृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, धोसवास की कक्षा 12वीं की होनहार छात्रा एवं प्रतिभावान एथलीट भूमिका डोडियार ने गोवा में आयोजित 37वीं पश्चिम क्षेत्र (वेस्ट ज़ोन) जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 की 100 मीटर बाधा दौड़ (हर्डल्स) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक (Bronze Medal) अपने नाम किया है। भूमिका की इस राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि से न केवल विद्यालय परिवार, बल्कि समूचा जिला और प्रदेश गौरवान्वित हुआ है।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सफलता की ध्वजा फहराकर लौटीं भूमिका डोडियार का विद्यालय परिसर पहुँचने पर अत्यंत उत्साह, उमंग और गरिमामय वातावरण में नागरिक अभिनंदन व सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान समूचा स्कूल परिसर 'जय हिंद' और बधाई के नारों से गूंज उठा।
माल्यार्पण, शॉल व श्रीफल भेंटकर किया गया अभिनंदन
गोवा की धरती पर कठिन प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्ट एथलीटों के बीच 100 मीटर हर्डल्स जैसी तकनीकी स्पर्धा में पोडियम फिनिश हासिल करना भूमिका की कठोर मेहनत और अटूट संकल्प को दर्शाता है। छात्रा के धोसवास स्थित अपने विद्यालय आगमन पर अध्यापकों, सहपाठियों और स्थानीय ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों एवं पुष्पवर्षा के साथ उनका स्वागत किया।
आयोजित भव्य सम्मान समारोह में विद्यालय प्रशासन और गणमान्य अतिथियों द्वारा खिलाड़ी छात्रा भूमिका डोडियार को पारंपरिक रूप से शॉल ओढ़ाकर, श्रीफल एवं पुष्पमालाएँ पहनाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्हें प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिह्न देकर उनके उज्ज्वल भविष्य और आगामी राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में और भी उच्च स्वर्णिम सफलताएँ प्राप्त करने की शुभकामनाएँ दी गईं।
सफलता का श्रेय मार्गदर्शन एवं अनुशासन को
अपनी इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कांस्य पदक विजेता भूमिका डोडियार ने अपनी इस यात्रा का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत, माता-पिता के आशीर्वाद और अपनी कोच श्रीमती निर्मला भटेवरा के कुशल एवं समर्पित मार्गदर्शन को दिया।
भूमिका की कोच निर्मला भटेवरा ने इस अवसर पर कहा कि भूमिका शुरू से ही खेल के प्रति अत्यंत अनुशासित और समर्पित रही हैं। 100 मीटर बाधा दौड़ एक ऐसी स्पर्धा है जिसमें गति (Speed), संतुलन (Balance) और सटीक समयबद्धता (Timing) तीनों का होना अनिवार्य है। गोवा की 37वीं वेस्ट ज़ोन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जिस प्रकार भूमिका ने दबाव के क्षणों में संयम बनाए रखते हुए कांस्य पदक जीता, वह उनके निरंतर अभ्यास और मानसिक सुदृढ़ता का परिणाम है।
विद्यालय स्टाफ व शिक्षा जगत में हर्ष की लहर
सम्मान समारोह में विद्यालय के प्राचार्य कमल सिंह राठौड़ ने छात्रा को बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण अंचल से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में पदक जीतना यह सिद्ध करता है कि यदि सही मार्गदर्शन और लगन हो तो प्रतिभा को कोई सीमा नहीं बाँध सकती। भूमिका विद्यालय के सभी विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणास्रोत बनी हैं।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ शिक्षक राजीव पंडित, रमा टिलवानी, इसरार खान, ललिता कदम, नंदिनी शर्मा सहित स्कूल का समस्त शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ, छात्र-छात्राएँ तथा बड़ी संख्या में धोसवास गाँव के प्रबुद्ध नागरिक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने भूमिका का उत्साहवर्धन किया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस बड़ी उपलब्धि का जश्न मनाया।
प्रशासनिक अधिकारियों व गणमान्य नागरिकों ने दी बधाई
ग्रामीण क्षेत्र की इस बेटी द्वारा राष्ट्रीय मंच पर जिले का नाम रोशन करने पर रतलाम जिले के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक गलियारे में भी अत्यंत खुशी का माहौल है।
कलेक्टर अजय कटेसरिया ने भूमिका डोडियार की इस स्वर्णिम सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई संदेश भेजा। उन्होंने कहा कि भूमिका की यह उपलब्धि रतलाम जिले की अन्य बालिकाओं को भी खेल जगत में आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित करेगी।
जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सिमरन सूर्यवंशी ने भी छात्रा, उनके माता-पिता, कोच निर्मला भटेवरा तथा श्री नित्यानंद स्कूल परिवार को दूरभाष एवं संदेश के माध्यम से हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेलों में इस प्रकार का राष्ट्रीय प्रदर्शन जिले के शैक्षणिक वातावरण और खेल संस्कृति को एक नई दिशा देगा।
गोवा में 37वीं वेस्ट ज़ोन जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में कांस्य पदक जीतकर लौटीं भूमिका डोडियार का यह सम्मान समारोह न केवल एक जीत का उत्सव था, बल्कि ग्रामीण भारत की अदम्य खेल प्रतिभाओं के प्रति एक सम्मान और प्रोत्साहन का जीवंत प्रतीक बन गया।













