पीएमएफएमई योजना से मिला संबल, श्री संदीप राठौर ने स्थापित की पशु आहार यूनिट, अब 5 करोड़ रुपये का वार्षिक टर्नओवर
रतलाम जिले के ग्राम रूपनगर निवासी श्री संदीप राठौर ने अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का निर्णय लिया। उन्होंने एमबीए के साथ फाइनेंस एवं मार्केटिंग की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने पशु आहार के क्षेत्र में व्यवसाय शुरू करने की योजना बनाई।
श्री राठौर को वर्ष 2024-25 में उद्यानिकी विभाग की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (पीएमएफएमई) का लाभ मिला। योजना के माध्यम से उन्होंने 30 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया, जिस पर उन्हें 10 लाख रुपये की सब्सिडी मिली। इस वित्तीय सहायता से उन्होंने मंदसौर-रतलाम हाईवे पर श्री सतयुग पशु आहार यूनिट की स्थापना की।
श्री राठौर बताते हैं कि जब उन्होंने पशु आहार यूनिट शुरू करने का निर्णय लिया, उस समय क्षेत्र में इस तरह की कोई बड़ी यूनिट उपलब्ध नहीं थी। किसानों में पशु आहार की मांग को देखते हुए उन्होंने स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण पशु आहार उपलब्ध कराने का प्रयास शुरू किया।
शुरुआत में जहां प्रतिदिन मुश्किल से एक बोरी पशु आहार की बिक्री होती थी, वहीं आज उनकी यूनिट से प्रतिदिन लगभग 100 से 150 बोरी पशु आहार की बिक्री हो रही है। यूनिट से तैयार पशु आहार की आपूर्ति रतलाम, मंदसौर, नीमच, उज्जैन सहित आसपास के कई जिलों के साथ राजस्थान में भी की जा रही है।
व्यवसाय में लगातार वृद्धि के साथ श्री राठौर का वार्षिक टर्नओवर अब लगभग 5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उनकी यूनिट के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 10 लोगों को रोजगार भी मिल रहा है।
श्री राठौर कहते हैं कि सरकारी योजना से मिली वित्तीय सहायता ने उनके व्यवसाय को शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऋण और सब्सिडी की सहायता से उन्होंने अपने व्यवसाय को आकार दिया और आज उनकी पशु आहार यूनिट क्षेत्र के किसानों की मांग पूरी करने के साथ रोजगार का माध्यम भी बन रही है।
श्री संदीप राठौर की कहानी यह दर्शाती है कि सही योजना, मेहनत और व्यवसाय के प्रति स्पष्ट सोच के साथ शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर युवा अपना उद्यम स्थापित कर सकते हैं और स्वयं के साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।



















