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रतलाम: श्री मेढ़ क्षत्रिय मेवाड़ा स्वर्णकार समाज महिला मंडल द्वारा भव्य गरबा रास का आयोजन
विशेष संवाददाता, रतलाम रतलाम। शक्ति, भक्ति और साधना के पावन पर्व शारदीय नवरात्रि के अति पावन अवसर पर मालवा अंचल के रतलाम शहर में धार्मिक उत्साह एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अभूतपूर्व छटा बिखरी हुई है। इसी कड़ी में श्री मेढ़ क्षत्रिय मेवाड़ा स्वर्णकार समाज महिला मंडल, रतलाम द्वारा शहर के टाटानगर स्थित प्रसिद्ध बुद्धेश्वर हॉल परिसर में एक भव्य एवं गरिमामय 'गरबा रास' महोत्सव का आयोजन अत्यंत धूमधाम और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। इस सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक आयोजन में स्वर्णकार समाज की महिलाओं, बालिकाओं एवं मातृशक्ति ने बड़ी संख्या में भाग लेकर माता रानी के चरणों में गरबा रास के माध्यम से अपनी श्रद्धासुमन अर्पित किए। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाओं ने पारंपरिक ढोल की थाप और भक्ति गीतों की मधुर धुनों पर देर रात तक गरबा प्रस्तुत कर पूरे माहौल को पूरी तरह से भक्तिमय बना दिया। माता रानी के भक्ति गीतों पर मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालुकार्यक्रम के संबंध में अधिक जानकारी देते हुए श्री मेढ़ क्षत्रिय मेवाड़ा स्वर्णकार समाज महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती मधु सोनी तथा सचिव श्रीमती ज्योति सोनी ने संयुक्त रूप से बताया कि नवरात्रि का पर्व मातृशक्ति की आराधना और समाज में सकारात्मक ऊर्जा के संचार का प्रतीक है। इसी परंपरा को जीवंत बनाए रखने तथा समाज की महिलाओं को एक मंच पर लाकर एकजुटता का संदेश देने के उद्देश्य से इस गरबा रास का आयोजन किया गया था।मंडल पदाधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत मां अंबे की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। तत्पश्चात समाज की महिलाओं एवं बालिकाओं ने भक्ति रस में सराबोर होकर पारंपरिक गरबा नृत्य प्रस्तुत किया।इस अवसर पर श्रद्धालुओं और प्रतिभागियों ने महाकाली और जगदंबा मां की स्तुति में प्रसिद्ध गरबा गीतों जैसे—"अंबे तू है जगदंबे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली...""मां थारो गरबो रे रमे राजपाड़ा में...""ॐ मां पावा वाली..."सहित विभिन्न लोकप्रिय एवं पारंपरिक गरबा भजनों पर एक समान लयबद्ध तालियों और डांडियों की खनक के साथ आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। महिलाओं का उत्साह और समर्पण देखते ही बन रहा था, जिससे बुद्धेश्वर हॉल परिसर भक्ति, आस्था और आनंद के संगम में तब्दील हो गया।विभिन्न प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन, प्रतिभाओं का बढ़ा उत्साहगरबा रास के इस भव्य आयोजन को और अधिक आकर्षक एवं प्रतिस्पर्धात्मक बनाने के उद्देश्य से महिला मंडल द्वारा विभिन्न आयु वर्गों के लिए कई प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी कलात्मक प्रतिभा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिताओं के मुख्य आकर्षण इस प्रकार रहे:सर्वश्रेष्ठ पारंपरिक परिधान (Best Traditional Dress): इसमें महिलाओं एवं बालिकाओं के पारंपरिक एवं सांस्कृतिक वेशभूषा, आभूषण और सुसज्जित शृंगार के आधार पर निर्णय लिया गया।सर्वश्रेष्ठ गरबा स्टेप्स एवं रास (Best Garba Dance/Steps): इसमें ताल, लय और पारंपरिक डांडिया संचालन के आधार पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों का चयन किया गया।बाल वर्ग एवं महिला वर्ग की विशेष प्रस्तुतियां: नन्हीं बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत गरबा नृत्य ने उपस्थित सभी समाजजनों का मन मोह लिया। प्रतियोगिता के अंत में निर्णायक मंडल द्वारा चयनित विजेताओं को महिला मंडल की पदाधिकारियों द्वारा आकर्षक पुरस्कार एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया, जिससे महिलाओं और बच्चों का उत्साहवर्धन हुआ।महाआरती के साथ प्रसादी का हुआ वितरणगरबा रास और प्रतियोगिताओं के समापन के पश्चात पूरे बुद्धेश्वर हॉल परिसर में जय माता दी और मां अंबे के जयकारों की गूंज के बीच भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। विशाल आरती के दौरान संपूर्ण परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा।आरती संपन्न होने के पश्चात मंडल द्वारा उपस्थित सभी श्रद्धालुओं, समाजजनों एवं प्रतिभागियों को माता रानी का पावन महाप्रसाद वितरित किया गया।समाजजन एवं कार्यकारिणी की गरिमामयी उपस्थितिइस संपूर्ण आयोजन को सफल, सुव्यवस्थित और भव्य बनाने में श्री मेढ़ क्षत्रिय मेवाड़ा स्वर्णकार समाज महिला मंडल की संपूर्ण कार्यकारिणी समिति का विशेष एवं सराहनीय योगदान रहा।कार्यक्रम के दौरान महिला मंडल की:श्रीमती किरण सोनी (कोषाध्यक्ष)श्रीमती चंचल सोनी (सह सचिव)श्रीमती बिंदु सोनी (उपकोषाध्यक्ष)श्रीमती शिल्पी सोनी (मंत्री)श्रीमती आशा सोनी (संगठन मंत्री)के साथ-साथ महिला मंडल की समस्त सम्मानित कार्यकारिणी सदस्य, वरिष्ठ समाजजन, युवा वर्ग तथा बड़ी संख्या में स्वजातीय परिवार उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में मंडल अध्यक्ष श्रीमती मधु सोनी एवं सचिव श्रीमती ज्योति सोनी ने आयोजन को निर्विघ्न एवं सफल बनाने के लिए उपस्थित सभी समाजजनों, सहयोगियों तथा महिला मंडल की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। समाजजनों ने भी महिला मंडल के इस सफल एवं अनुकरणीय प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की।














