अपर कलेक्टर श्री रावत ने बाल देखभाल संस्थाओं का किया निरीक्षण
अपर कलेक्टर श्री बृजेंद्र रावत एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा जिले में संचालित अशासकीय संस्थाओं देवप्रकाश सेवा संस्थान बालगृह, निवेदिता बालिकागृह, मातृछाया सेवा भारती शिशुगृह तथा शासकीय बाल सम्प्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया गया।
देवप्रकाश सेवा संस्थान बालगृह में 11 बालक निवासरत पाए गए, जिनमें से 5 बालक नियमित रूप से विद्यालय में अध्ययनरत हैं। संस्था में सीसीटीवी कैमरे संचालित हैं तथा बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई।
निवेदिता बालिकागृह में 26 बालिकाएं निवासरत हैं। इनमें 10 बालिकाएं विद्यालय, 2 बालिकाएं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आईटीआई तथा 5 बालिकाएं राज्य ओपन/प्राइवेट माध्यम में अध्ययनरत हैं। बालिकाओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई।
बारिश के मौसम को देखते हुए स्वच्छ पेयजल एवं साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
मातृछाया सेवा भारती शिशुगृह में 8 शिशु (5 बालक एवं 3 बालिकाएं) निवासरत हैं। इनमें 2 बालक विद्यालय में अध्ययनरत हैं। मातृछाया सेवा भारती शिशुगृह में शिशुओं को पौष्टिक आहार, जैसे दलिया एवं उबला हुआ अनाज दिया जाता है। भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। शिशुगृह में 5 बालकों को लीगल फ्री किए जाने हेतु पेपर विज्ञप्ति जारी करने की कार्यवाही की जा रही है।
बाल सम्प्रेक्षण गृह में 17 बालक निवासरत पाए गए, जिनमें से 4 बालक प्राइवेट अध्ययनरत हैं। बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है तथा भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई।
सभी संस्थाओं को बारिश के मौसम को देखते हुए स्वच्छ पेयजल एवं साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।





















