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9 अभिग्रह के साथ पूर्ण हुआ महासती प्रफुल्ला श्री म सा की 98 वी ओली जी का पारणा
रतलाम 20 जुलाई। आराधनामय चातुर्मास के मंगल प्रवेश के बाद श्री वर्धमान स्थानक वासी जैन श्रावक के तत्वावधान मे परम पूज्य महासती प्रफुल्ला श्री जी मासा की 98 वीं ओली जी का पारणा बड़े हर्षोल्लास से संपन्न हुआ।
श्रीसंघ मीडिया प्रभारी नीलेश बाफना ने बताया की जब से महासतिया वृंद के चातुर्मास की घोसणा हुईं तभी से श्रीसंघ मे 98 वी ओली जी पारणा का हर्षोल्लास था। पारणा निर्मित महासतिया जी ने कुछ अभिग्रह लिया था जिसको पूर्ण करवाने मे श्री संघ, नवयुवक मंडल, बालिका मंडल, महिला मंडल, बहु मंडल की पूरी टीम लगी हूई थी। पूज्य महासतिया जी का पहला अभिग्रह महेंद्र जी सौरभ जी बोथरा परिवार के यहां - सपरिवार विनती करते हुए पारने का आग्रह किया गया वहा फला। दुसरा अभिग्रह सुभाष जी हितेश जी बाफना परिवार द्वारा 51 आयंबिल करने का प्रण लिया गया वहा फला। तीसरा अभिग्रह आशीष जी कटारिया परिवार द्वारा ०१ वर्ष तक सपरिवार जमीकंद का त्याग का नियम से फला। चौथा अभिग्रह वर्धमान जी रतन लाल जी पितलिया परिवार द्वारा शास्त्र बहराना और ५०० गाथा प्रतिदिन पढ़ने का संकल्प के साथ फला। पांचवा अभिग्रह वर्धमान जी वीरेंद्र जी कटारिया : सपरिवार एक वर्ष तक रात्रि भोजन त्याग के प्रत्याख्यान के साथ फला। छठा अभिग्रह ललित जी लाबू भाई कटारिया परिवार द्वारा : ५१ दिन पोरसी नवकारसी के संकल्प के साथ फला। सातवां अभिग्रह वर्धमान जी चानोदिया परिवार के यहां 4 महीने जमीकंद, 120 सामयिक, 31 आयंबिल के संकल्प के साथ फला। आठवा अभिग्रह युवा मंडल और बालिका मंडल द्वारा सामूहिक आयंबिल का त्याग के साथ और नौवा अभिग्रह सोनल रुचिन जी चानोदिया परिवार के यहां 500 शास्त्र की गाथा के साथ फला।
इस अभिग्रह पारणा के लिए नीम चौक जैन स्थानक पर बड़ी संख्या में श्रावक श्राविकाएं युवा मंडल, बालक बालिकाए एकत्रित हो गए थे और सतिया जी के साथ घर घर जाकर अभिग्रह पूर्ण करवाने का प्रयास किया और गुरु भगवंत के दिव्य आशीर्वाद से अभिग्रह पूर्ण हुआ। पूरे श्रीसंघ में हर्ष व्याप्त है । महासती जी की इतनी उग्र तपस्या के निमित्त सामूहिक आयंबिल का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में आयंबिल तप की आराधना संपन्न हुई।



















