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मेडिसीन और सेवा का संगम: मेडिकल कॉलेज रतलाम में 1 अगस्त को लगेगा 'जीवनधारा शिविर', तैयारियों को लेकर हुई अहम बैठक
रतलाम। थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एक नया जीवन देने और स्वास्थ्य सुविधाओं को उन तक सहजता से पहुँचाने के उद्देश्य से आगामी 1 अगस्त को डॉ लक्ष्मीनारायण पाण्डेय शासकीय मेडिकल कॉलेज रतलाम में एक विशाल 'जीवनधारा शिविर' का आयोजन किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण शिविर की रूपरेखा तय करने और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए शनिवार, 18 जुलाई 2026 को मेडिकल कॉलेज के सभागार में एक उच्च स्तरीय तैयारियों की बैठक आयोजित की गई।
यह बैठक मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अनीता मुथा की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ शहर की अग्रणी सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
भोपाल से ऑनलाइन जुड़ीं एनएचएम अधिकारी, पहल को सराहा
बैठक के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), भोपाल से स्टेट हेल्थ मिशन की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. रूबी खान भी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुईं। उन्होंने रतलाम मेडिकल कॉलेज द्वारा थैलेसीमिया पीड़ित मासूम बच्चों के लिए किए जा रहे इस प्रयास की दिल खोलकर सराहना की। डॉ. खान ने डीन डॉ. अनीता मुथा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के शिविर ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के पीड़ित परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। उन्होंने एनएचएम की ओर से शिविर को हर संभव तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग देने का आश्वासन दिया।
मेदांता फाउंडेशन की टीम करेगी HLA टाइपिंग
थैलेसीमिया के स्थाई इलाज (बोन मैरो ट्रांसप्लांट) की दिशा में HLA टाइपिंग (ह्यूमन ल्यूकोसाइट एंटीजन टेस्ट) एक बेहद खर्चीली और जटिल प्रक्रिया है। इस शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मेदांता फाउंडेशन के विशेषज्ञ कंसलटेंट और उनकी अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक टीम विशेष रूप से रतलाम आ रही है। यह टीम शिविर में आने वाले बच्चों और उनके माता-पिता के रक्त के नमूनों की निःशुल्क जांच करेगी, जिससे भविष्य में इलाज की राह आसान हो सके।
प्रथम तल पर दी जाएगी सुविधाएं
मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शिविर के लिए मेडिकल कॉलेज की मुख्य बिल्डिंग के प्रथम तल (First Floor) को चिन्हित किया गया है। यहाँ रजिस्ट्रेशन, डॉक्टरों के परामर्श कक्ष, ब्लड सैंपल कलेक्शन और परिजनों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि किसी भी पीड़ित बच्चे को असुविधा न हो।
थैलेसीमिया के खिलाफ इस जंग में शहर की तमाम सामाजिक संस्थाओं ने एक सुर में अपनी सहभागिता दर्ज कराई है। बैठक में थैलेसीमिया मुक्त मध्य प्रदेश जन जागरण समिति मार्गदर्शक व काकाणी सोशल फाउंडेशन के सचिव श्री गोविंद काकानी , रेड क्रॉस अध्यक्ष श्री प्रीतेश गादिया, सेवा भारती अध्यक्ष अनुज छाजेड़ सहित शहर के प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। सभी सामाजिक संगठनों ने संकल्प लिया कि वे न केवल शिविर के प्रचार-प्रसार में मदद करेंगे, बल्कि मरीजों को शिविर स्थल तक लाने-ले जाने और उनके भोजन-पानी की व्यवस्था में भी बढ़-चढ़कर सहयोग करेंगे। इसी प्रकार थैलेसीमिया बीमारी से ग्रसित बच्चों को सतत रक्त की व्यवस्था करने वाली अग्रणी संस्था मानव सेवा समिति, जिला चिकित्सालय रक्त केंद्र एवं डॉ लक्ष्मीनारायण पाण्डेय शासकीय मेडिकल कॉलेज रक्त केंद्र का भी सहयोग लिया जाएगा|
बैठक में जिला चिकित्सालय से सिविल सर्जन डॉ ए पी सिंह, मेडिकल कॉलेज से डॉ के एस लिखार, डॉ. महेश तलेले, डॉ. ध्रुवेंद्र पांडे, डॉ. देवेंद्र नरगावे, डॉ सारिका रावत और जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ प्रमोद प्रजापति, डॉ मयंक जोशी पाथ फाउंडेशन उपस्थित रहे । डॉक्टरों की टीम ने शिविर के दौरान दी जाने वाली चिकित्सकीय व्यवस्थाओं और लॉजिस्टिक्स का पूरा खाका सामने रखा।
डीन डॉ. अनीता मुथा की अपील:
"हमारा उद्देश्य है कि अंचल का कोई भी थैलेसीमिया पीड़ित बच्चा इस जांच और परामर्श से वंचित न रहे। मेदांता की टीम का आना रतलाम के लिए एक बड़ा अवसर है। मैं सभी पीड़ित परिवारों से अपील करती हूँ कि वे 1 अगस्त को सुबह समय पर मेडिकल कॉलेज पहुंचकर इस 'जीवनधारा शिविर' का लाभ उठाएं।"




















