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रतलाम में प्रेस एस वाई एस साइक्लोथान: युवाओं ने 14 किमी साइकिल चलाकर धामनोद साईं मंदिर पर किया ध्यान, जुंबा का भी लिया आनंद
रतलाम। युवाओं में शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से रतलाम प्रेस एस वाई एस (SYS) साइक्लोथान द्वारा एक विशेष आयोजन किया गया। शहीद चौक से शुरू हुई यह साइकिल राइड धामनोद स्थित साईं मंदिर तक पहुँची, जहाँ प्रतिभागियों ने ध्यान (मेडिटेशन) एवं जुंबा सत्र में भाग लिया।
14 किलोमीटर की राइड और आंतरिक जागरण
आयोजक डॉ. राहुल पंजाबी ने बताया कि इस साइक्लोथान में नागरिकों और युवाओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और शहीद चौक से धामनोद साईं मंदिर तक लगभग 14 किलोमीटर का सफर साइकिल से तय किया। साईं मंदिर पहुँचने पर सभी प्रतिभागियों के लिए विशेष ध्यान सत्र का आयोजन किया गया।
ध्यान केवल आँखें बंद करना नहीं, स्वयं को जानने की यात्रा: योग विशेषज्ञ
धामनोद साईं मंदिर परिसर में मौजूद नागरिकों एवं युवाओं को संबोधित करते हुए योग विशेषज्ञ शुभम झाला ने ध्यान के गहरे आध्यात्मिक और व्यावहारिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
आत्म-बोध की प्रक्रिया: ध्यान केवल आँखें बंद करके बैठने की एक शारीरिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह स्वयं को जानने और अपने अस्तित्व की गहराई में उतरने की यात्रा है। जब व्यक्ति स्वयं को देखना प्रारंभ करता है, तो उसे अपने विचारों, भावनाओं, भय, असुरक्षाओं और दुःखों के वास्तविक स्वरूप का बोध होने लगता है।
सजगता और संतुलन: जीवन में चुनौतियाँ और परेशानियाँ आती रहेंगी। ध्यान हमें उनसे भागना नहीं, बल्कि उनके सामने जागरूक होकर खड़े होना सिखाता है। इसका उद्देश्य व्यक्ति को ऐसी आंतरिक अवस्था तक पहुँचाना है, जहाँ वह निराशा के अंधकार में अपनी चेतना का प्रकाश न भूले।
विराट चेतना से परिचय: जब मनुष्य स्वयं को देखना शुरू करता है, तब उसे समझ आता है कि वह केवल अपनी परिस्थितियाँ या समस्याएँ नहीं है। उसके भीतर एक विराट चेतना विद्यमान है, जिसे जानना ही जीवन की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
मानसिक स्पष्टता की आवश्यकता: आज के युवाओं के लिए केवल शारीरिक रूप से फिट होना ही पर्याप्त नहीं है। शारीरिक सशक्तता के साथ-साथ मानसिक स्पष्टता, भावनात्मक संतुलन और आंतरिक जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है।
सेहत, ध्यान और उत्साह का अनूठा संगम
साईं मंदिर परिसर में साइकिल चालकों और नागरिकों के लिए जुंबा सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं ने संगीत की धुनों पर वर्कआउट कर ऊर्जा का अनुभव किया।
आयोजकों ने अपना संकल्प दोहराते हुए कहा कि ध्यान की इस कला को हर व्यक्ति तक पहुँचाना उनका लक्ष्य है, ताकि लोग बाहरी परिस्थितियों से प्रभावित हुए बिना अपने भीतर स्थाई शांति और आनंद की अनुभूति कर सकें।
इस अवसर पर चिंटू पावैचा, विजय टांक, मदन सोनी, अंकित लिंबोडिया, अभिषेक रावल, अमित, सिद्धार्थ, पिंकी, वेदिका सहित बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक और युवा उपस्थित रहे। #rtmnewstoday #rtm #news #ratlam #ratlamnews #ratlamlocalnews













