प्रशासनिक संवेदनशीलता और नवाचार: रतलाम जिला अस्पताल में दो साल से ठप लिफ्ट शुरू, मरीजों को मिली बड़ी राहत
लोक कल्याणकारी शासन की असली पहचान इस बात से तय होती है कि जनता की बुनियादी और रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान कितनी त्वरितता और संवेदनशीलता के साथ किया जाता है। रतलाम में कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया के प्रशासनिक नेतृत्व में एक ऐसा ही जनहितैषी नवाचार देखने को मिला है, जहाँ पिछले दो वर्षों से जिला अस्पताल में बदहाल पड़ी लिफ्ट को न केवल मरम्मत के बाद पुनः चालू कराया गया, बल्कि इसके निरंतर रखरखाव की एक स्थाई व्यवस्था भी तय की गई।
समस्या का संज्ञान और त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई
जिला अस्पताल की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य इकाई में बंद पड़ी मुख्य लिफ्ट केवल एक तकनीकी खराबी नहीं थी, बल्कि यह रोज़ाना आने वाली सैकड़ों गर्भवती महिलाओं, नवप्रसूताओं और गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए एक भारी कष्ट का कारण बनी हुई थी। स्ट्रेचर और व्हीलचेयर से मरीजों को ऊपरी मंजिलों तक ले जाना परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था।
जैसे ही यह विषय कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया के संज्ञान में आया, उन्होंने इसे पारंपरिक नौकरशाही की ढिलाई से परे हटाकर प्राथमिक स्तर पर हल करने का निर्णय लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तकनीकी जाँच, आवश्यक मेंटेनेंस और सुरक्षा मानकों का कड़ा परीक्षण कर लिफ्ट को अविलंब शुरू किया जाए।
इस पहल के प्रमुख बिंदु और दूरगामी प्रभाव
सुरक्षा और सुविधा का सामंजस्य: केवल मरम्मत ही नहीं, बल्कि लिफ्ट को आम जनता के उपयोग के लिए सौंपने से पहले सभी सुरक्षा मानकों का तकनीकी परीक्षण (Technical Testing) सुनिश्चित किया गया।
भविष्य की निगरानी और स्थाई व्यवस्था: नवाचार केवल समस्या को तात्कालिक रूप से ठीक करने में नहीं, बल्कि उसे दोबारा न होने देने में है। कलेक्टर के निर्देशानुसार, भविष्य में लिफ्ट के सुचारू संचालन के लिए नियमित मेंटेनेंस और तकनीकी निगरानी की स्थाई व्यवस्था बनाई गई है।
संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएँ: सिविल सर्जन डॉ. ए.पी. सिंह के अनुसार, इस कदम से स्ट्रेचर और व्हीलचेयर पर निर्भर मरीजों का आवागमन सुगम और सुरक्षित हुआ है।
नागरिक सहभागिता का संदेश
प्रशासन द्वारा बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के साथ-साथ अस्पताल प्रबंधन ने आमजन से भी एक ज़िम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने की अपील की है। सार्वजनिक संपत्तियों का नियमानुसार उपयोग और स्वच्छता बनाए रखना जनता का नैतिक कर्तव्य है, जिससे ये सेवाएँ दीर्घकाल तक निर्बाध रूप से उपलब्ध रह सकें।
कलेक्टर श्री कटेसरिया की यह पहल दर्शाती है कि जब प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जन-संवेदनशीलता एक साथ मिलते हैं, तो वर्षों से लटकी हुई जनसमस्याएँ भी चुटकियों में हल हो जाती हैं। #rtmnewstoday #rtm #news #ratlam #ratlamnews #ratlamlocalnews










