लेखन कार्यशालाओं से रचनात्मक वातावरण का निर्माण: श्री नलिन जनवादी लेखक संघ मध्य प्रदेश की नई कार्यकारिणी का हुआ गठन
रतलाम। जनवादी लेखक संघ (जलेसं) द्वारा देश भर में लगातार लेखन कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यशालाओं के माध्यम से नए रचनाकारों को लेखन के स्तर और विधा की बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है। मध्य प्रदेश की विभिन्न इकाइयां भी इन आयोजनों में भाग लेकर अपने स्थानीय रचनाकारों को प्रोत्साहित करें।
यह विचार जनवादी लेखक संघ के केंद्रीय महासचिव नलिनरंजन सिंह ने जलेसं मध्य प्रदेश के राज्य सम्मेलन के संगठनात्मक सत्र में व्यक्त किए। उन्होंने हाल ही में राजस्थान के अलवर में आयोजित कहानी लेखन कार्यशाला का उल्लेख करते हुए बताया कि आगामी दिनों में महिला लेखन कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने संगठन की रचनात्मक और संगठनात्मक क्षमता को और अधिक विस्तार देने पर बल दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सुप्रसिद्ध कवि एवं जलेसं केंद्रीय इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश जोशी ने नई कार्यकारिणी का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए नवीन इकाइयों के गठन पर विशेष ध्यान दे, ताकि अधिक से अधिक नए रचनाकारों को जोड़ा जा सके।
सत्र के दौरान राज्य सचिव एवं जिला सचिवों ने विगत वर्ष की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। वहीं, प्रसिद्ध चित्रकार महावीर वर्मा ने अपने कविता-चित्र भेंट कर अतिथियों तथा जिला इकाई प्रमुखों का स्वागत किया।
मध्य प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा
सम्मेलन में निवर्तमान सचिव मणिमोहन ने संगठन की नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की:
संरक्षक: वक़ार सिद्दीकी, नरेंद्र जैन, रामप्रकाश, राजेश जोशी, रतन चौहान और वीरेन्द्र जैन।
अध्यक्ष: अरुण वर्मा।
उपाध्यक्ष: मणिमोहन मेहता, विजय बैरागी, सुश्री परवीन कैफ़, प्रदीप मिश्र और मान्यता सरोज।
सचिव: युसूफ़ जावेदी।
संयुक्त सचिव: बालेंदु परसाई।
सहसचिव: प्रदीप कांत, सुरेन्द्र रघुवंशी, प्रियंका कविश्वर और राजा अवस्थी।
कोषाध्यक्ष: रणजीत सिंह राठौर।
कार्यकारिणी सदस्य:
मनोज कुलकर्णी, अनवारे इस्लाम, सविता भार्गव, नीलेश रघुवंशी, बद्र वास्ती, संध्या कुलकर्णी, प्रतिभा गोटीवाले, श्रुति कुशवाह, डॉ. स्वतंत्र सक्सेना, वसंत सकरगाये, सुरेश उपाध्याय, देवेन्द्र रिणवा, शिरीन भावसार, आशीष दशोत्तर, सिद्दीक़ रतलामी, इंदु सिन्हा, किशोर जेवरिया, निरंजन राही, कैलाश सेन, जयनारायण मेहता, दौलतराम प्रजापति, रामअवध विश्वकर्मा, गेंदलाल गुलशन, श्रीमती माला श्रीवास्तव, शांतिलाल जैन, मानसिंह शरद, रमेशचंद्र शर्मा, मनीष वैद्य, रामनरेश मिश्र, मुकेश त्रिपाठी, परमलाल परम तथा एम.एस. जनेश्वर को कार्यकारिणी में शामिल किया गया है।
नवनियुक्त अध्यक्ष एवं सचिव ने संगठन की साहित्यिक व संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक गति देने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन मणिमोहन ने किया। सत्र की शुरुआत में विगत दिनों दिवंगत हुए रचनाकारों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस सम्मेलन में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, रतलाम, नीमच, अशोकनगर तथा देवास सहित प्रदेश भर के कई साहित्यिक साथी उपस्थित रहे।










