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कवि सम्मेलन में कवियों की रचनाओं ने श्रोताओं को मोहित किया- श्री सोलंकी
नगर की साहित्यिक संस्था अनुभूति के स्थापना दिवस शरद पूर्णिमा 2026 को 50 वर्ष पूर्ण होने पर एवं 51 वे वर्ष के प्रवेश पर अनुभूति संस्था द्वारा स्थानीय गुलाब चक्कर पुराने कलेक्टोरेट रतलाम पर ठाकुर रमणसिंह सोलंकी (सुप्रीम कोर्ट एडव्होकेट इंदौर) के मुख्य आतिथ्य, श्रीमती ब्रजेश माथुर ''वीणा'' सैलाना एवं वरिष्ठ कवि समीक्षक श्री प्रणयेश जैन की अध्यक्षता में कवि सम्मेलन सम्पन्न हुआ।
मुख्य अतिथि श्री सोलंकी ने कवि सम्मेलन में कवियों द्वारा प्रस्तुत रचनाओं से अभिभूत होकर कहा कि वर्ष 2027 में 'अनुभूति' संस्था के बैनर तले रतलाम जिले की सभी साहित्यिक संस्थाओं के श्रेष्ठ प्रतिनिधि रचनाकारों का एक बड़ा काव्य समारोह आयोजित करने का विचार है । इस संकल्प में सभी साहित्यिक संस्थाओं का मार्गदर्शन, सुझाव एवं सहयोग अपेक्षित है। श्री सोलंकी ने कई रचनाओं का विश्लेषण करते हुए उनकी खुबियों को रेखांकिंत किया।
विशेष अतिथि श्रीमती माथुर ने कहा कि अनुभूति संस्था द्वारा आधी शताब्दी पार कर 51 वें वर्ष में प्रवेश होने पर बधाई देते हुए आशा की कि यह संस्था भविष्य में अच्छे साहित्यिक कार्यक्रम के प्रति संकल्पित रहेगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री प्रणयेश जैन नेे कहा कि अनुभूति संस्था का 50 वर्ष का यह कार्यकाल सदैव स्मरणीय एवं अनुकरणीय रहेगा।
अनुभूति संस्था द्वारा 50 वर्ष के इतिहास में सार्वजनिक स्थल पर प्रथम बार कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन में हरिशंकर भटनागर, रामचन्द्र फुहार, मणीलाल जैन, पं.शिवराज जोशी, जुझारसिंह भाटी, सिद्दीक रतलामी, शांतिलाल गोयल 'शांतनु', मोडीराम सोलंकी ''एकांत'', कैलाश वशिष्ठ, रमेश मनोहरा (जावरा), आशारानी उपाध्याय, दिनेश उपाध्याय, राष्ट्रपति पुरूस्कार से सम्मानित बाबुलाल परमार (रावटी), राहुल व्यास, सुरेश माथुर, ए.एच. ओबद्दीन, लक्ष्मण पाठक, हीरालाल खराड़ी, श्यामसुंदर भाटी, श्रीमती पुष्पलता शर्मा ''स्नेही'', सुनिल निरंजनी, दिनेश कुमार जैन, छत्रपालसिंह (बड़ोदा), रियाज रतलामी आदि ने अपनी-अपनी श्रेष्ठ कवि, गीत, गजल, प्रस्तुत करते हुए अनुभूति संस्था के 51 वें वर्ष की उपलब्धि पर बधाई देते हुए संस्था के उज्जवल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर श्री बालकृष्ण तिवारी ने यह अनुभव की अनुभूति के साथ अनुभूति संस्था के 50 वर्ष पूर्ण होने पर काव्यमय रचना द्वारा अपने उदगार प्रस्तुत किए।
कवि सम्मेलन के प्रारम्भ में अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम की शुरूआत की। इसके पश्चात अतिथियों का संस्था के पदाधिकारियों का पुष्पहार से स्वागत किया गया । कार्यक्रम स्थल पर अनुभूति संस्था द्वारा विगत 50 वर्षो के साहित्यिक आयोजनों के फोटो फ्लेक्स के माध्यम से प्रदर्शित किए जिसे सभी उपस्थितजनों ने गौरवमयी उपलब्धी को सराहा गया।
कार्यक्रम में श्री अब्दुल सलाम खोकर, सुश्री शिवकांता भदौरिया, कैलाश मकवाना, मुकेश सोनी, हिम्मत कुमावत, रणजीतसिंह राठौर, राजेन्द्र कुमार माथुर, विश्वास शर्मा, नैनासिंह (इंदौर), जगदीश चौहान आदि साहित्यकार, प्रबुद्धजन एवं श्रोता उपस्थिति थे। कार्यक्रम का संचालन श्री दिनेश शर्मा (अध्यक्ष- शिक्षक सांस्कृतिक मंच) एवं कवि सम्मेलन के संयोजक शांतिलाल गोयल 'शांतनु' ने किया एवं संस्था अध्यक्ष डॉ. मोहन परमार ने अनुभूति संस्था को साहित्यकारों द्वारा विगत 50 वर्षो से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष, रचनात्मक एवं साहित्यिक सहयोग देने पर हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसा ही सहयोग मिलते रहने की आशा व्यक्त की।













