- |
- ताज़ा खबरें |
- रतलाम शहर |
प्रकृति का सौंदर्य मनुष्य को लिखने के लिए प्रेरित करता है" – डॉ. गीता दुबे
रतलाम। वरिष्ठ कवयित्री डॉ. गीता दुबे ने कहा कि एक रचनाकार को उसका परिवेश, परिस्थितियाँ और प्रकृति का सौंदर्य लेखन के लिए प्रेरित करता है। समाज की विसंगतियों के बीच आमजन की पीड़ा को महसूस कर वही शब्दों में ढालता है। किसी रचना संग्रह का प्रकाशन कठिनाइयों के बाद संभव होता है और यह लेखक के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण क्षण होता है।
जनवादी लेखक संघ द्वारा आयोजित पुस्तक विमर्श कार्यक्रम में उन्होंने कवि हीरालाल खराड़ी की पुस्तक प्रकृति एवं मानव जीवन के प्रकाशन को शहर की रचनात्मकता के लिए सुखद बताया।
वरिष्ठ कवि श्याम महेश्वरी ने इसे रतलाम की साहित्य धरा में आशा का नया पौधा बताया। कैप्टन डॉ. एन.के. शाह ने रचनाकार के जीवन में गुरु के महत्व पर प्रकाश डाला। कवि जुझार सिंह भाटी ने कहा कि कविता में कवि का चेहरा झलकता है और उसका सौंदर्य ही लेखन की प्रेरणा बनता है। पूर्व प्राचार्य आशा श्रीवास्तव ने संग्रह में कवि के स्कूली जीवन की झलक को रेखांकित किया। सचिव रणजीत सिंह राठौर ने कवि की रचनाओं में प्रेम को जीवन का आधार बताया। अनीस ख़ान ने आदिवासी अंचल से कवि के आगे आने को आशाजनक कहा, जबकि पूजा चोपड़ा ने साहित्य परंपरा में नए रचनाकार का स्वागत किया।
रचना पाठ
कार्यक्रम में कवि हीरालाल खराड़ी ने अपनी कविताओं का पाठ किया। साथ ही विनोद झालानी, नरेन्द्र त्रिवेदी, आई.एल. पुरोहित, अनीस ख़ान, पुष्पलता शर्मा, पूजा चोपड़ा, मांगीलाल नागावत, रणजीत सिंह राठौर, संजय परसाई 'सरल', श्याम सुंदर भाटी, कला डामोर और एस.के. मिश्रा ने भी अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं।
सम्मान
आयोजन में कवि हीरालाल खराड़ी तथा हाल ही में धुरंधर सम्मान प्राप्त वरिष्ठ हास्य कवि जुझार सिंह भाटी का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन आशीष दशोत्तर ने किया और आभार सचिव रणजीत सिंह राठौर ने व्यक्त किया।
आगामी आयोजन
जनवादी लेखक संघ उर्दू विंग द्वारा 19 जुलाई को सुबह 11 बजे शहीद भगत सिंह पुस्तकालय, शहर सराय रतलाम में तरही नशिस्त का आयोजन होगा। इसमें "वक़्त आएगा इंतज़ार करो" मिसरे पर गीत और ग़ज़ल प्रस्तुत की जाएंगी। अध्यक्ष युसूफ़ जावेदी और प्रदेश संयोजक सिद्धीक़ रतलामी ने सुधिजनों से उपस्थिति का आग्रह किया है।














