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अखंड ज्ञान आश्रम में दिव्य चातुर्मास महोत्सव: पूज्य विशोकानंद जी भारती ने बताया चातुर्मास में सत्संग का महात्म्य, रजक समाज ने किया स्वामी जी का सम्मान
स्वामी ज्ञानानंद मार्ग (सैलाना बस स्टैंड) स्थित श्री अखंड ज्ञान आश्रम में आयोजित दिव्य चातुर्मास महोत्सव के अंतर्गत गुरुवार को निर्वाणी अखाड़ा पीठाधीश्वर, आचार्य महामंडलेश्वर परम पूज्य स्वामी श्री श्री 1008 विशोकानंद जी भारती के सानिध्य में ज्ञान और अध्यात्म की सरिता बही। प्रातःकाल कठोपनिषद का स्वाध्याय एवं सायंकाल श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर संतवाणी का लाभ लिया।
सत्संग से मिलने वाला पुण्य अक्षय: आचार्य महामंडलेश्वर
प्रवचन के दौरान आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद जी भारती ने वाणी के चार स्वरूपों—वैखरी, मध्यमा, पश्यंती और परा—का आध्यात्मिक विवेचन किया। उन्होंने बताया कि साधना के माध्यम से अनहद नाद से जुड़ी 'परा वाणी' की अनुभूति होती है। स्वामी जी ने कहा कि चातुर्मास केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को मुक्ति की दिशा में ले जाने वाला पावन अवसर है।
अश्वमेध यज्ञ और नचिकेता-यमराज संवाद का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि वास्तविक साधना मन को हवनकुंड बनाकर संसार की आसक्तियों की आहुति देना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जितना पुण्य तीर्थों से प्राप्त होता है, उससे भी अधिक फल चातुर्मास में सत्संग से मिलता है, क्योंकि सत्संग का पुण्य अक्षय होता है। श्रद्धालुओं को गृहस्थ जीवन के साथ-साथ व्रत, तीर्थ, पूजा, सत्संग और आत्मचिंतन के लिए समय निकालने तथा जीवन में ज्ञान का ध्वज फहराने का आह्वान किया गया।
उद्धव-गोपी संवाद और संस्कारों का महत्व
श्रीमद्भागवत के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए स्वामी जी ने उद्धव-गोपी संवाद के जरिए योग, प्रेम और समर्पण की महत्ता बताई। इसके साथ ही उन्होंने राम-नाम के महात्म्य, कश्यप ऋषि की पत्नियों दिति-अदिति के प्रसंग तथा भारतीय संस्कार परंपरा में गर्भाधान एवं पुंसवन संस्कारों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
रजक समाज ने किया स्वामी जी का सम्मान
समारोह के दौरान रजक समाज की ओर से आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद जी भारती का आत्मीय स्वागत व सम्मान किया गया। सम्मान करने वालों में समाज के अध्यक्ष छोटेलाल मेहता, आशीष चौहान, ओम चौहान, अशोक मेहता एवं मुकेश सिंघल शामिल रहे।
कार्यक्रम की प्रसादी महिला मंडल (टीआईटी रोड, मनकामनेश्वर महादेव मंदिर) द्वारा प्रदान की गई। इस अवसर पर आश्रम के संतगण, सेवाभावी कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।#rtmnewstoday #rtm #news #ratlam #ratlamnews #ratlamlocalnews










