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पापांकुशा एकादशी पर गीता मंदिर में गूंजा संकीर्तन
रतलाम। गीता मंदिर रोड स्थित गीता मंदिर में गुरुवार को पापांकुशा एकादशी के अवसर पर गीता मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में एकादशी संकीर्तन का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक चले इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। सुमधुर भजनों, गरबा रास और भगवान श्रीकृष्ण-अर्जुन के मनोहारी श्रृंगार ने मंदिर परिसर को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम में पं. गोपाल कृष्ण शर्मा ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। उन्होंने ‘मेरी विनती सुनो हे रघुराई’, ‘हम काहे न तरेंगे, रघुराई? अधम उद्धारन, पतित पावन…’ सहित विभिन्न भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों की मधुर धुन पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए।
श्रीकृष्ण-अर्जुन का मनोहारी श्रृंगार
एकादशी के अवसर पर मंदिर को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया। भगवान श्रीकृष्ण एवं अर्जुन का मनोहारी श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। दोनों को पीले वस्त्र धारण कराए गए तथा तुलसी दल और पुष्पमालाओं से अलंकृत किया गया। सजावट और श्रृंगार ने मंदिर की धार्मिक छटा को और निखार दिया।
महिलाओं ने प्रस्तुत किया गरबा रास
एकादशी संकीर्तन के दौरान गीता मंदिर महिला मंडल की महिलाओं ने उत्साह और उमंग के साथ भजनों की धुन पर गरबा रास प्रस्तुत किया। महिलाओं ने पारंपरिक अंदाज में गरबा कर आयोजन में चार चांद लगा दिए। उपस्थित पुरुष श्रद्धालुओं ने भी उनका उत्साहवर्धन किया।
पापों से मुक्ति और सद्मार्ग का संदेश
मंदिर के पुजारी चेतन जोशी ने पापांकुशा एकादशी का धार्मिक महत्व बताते हुए कहा कि यह व्रत आश्विन मास के शुक्ल पक्ष में मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के पद्मनाभ स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है। पापांकुशा का अर्थ पापों पर अंकुश लगाना है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत से भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही दान-पुण्य, भक्ति और परोपकार के माध्यम से व्यक्ति को सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर जरूरतमंदों की सहायता तथा अन्न, जल और वस्त्र आदि के दान का भी विशेष महत्व बताया गया।
तुलसी के पौधों का वितरण, आरती के बाद प्रसादी
कार्यक्रम के दौरान एक श्रद्धालु ने मंदिर में तुलसी के पौधे भेंट किए। जिन भक्तों को तुलसी के पौधों की आवश्यकता थी, वे मंदिर से पौधे लेकर गए। आयोजन में राधेश्याम मंत्री, सत्यनारायण मंत्री, गोवर्धन रेंडा, नवीन व्यास, डॉ. पवन मजवड़िया, गोपाल पालीवाल, बंसीलाल मजवड़िया, लोकपाल सिंह राठौड़, उमाशंकर पालीवाल, विजय परवाल, उत्सव अरोरा, बाबूलाल चौधरी सहित गीता मंदिर महिला मंडल की सदस्याएं एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर भगवान श्री जगदीश्वर की आरती की गई। इसके पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई।
अगला एकादशी संकीर्तन 5 नवंबर 2026 को रमा एकादशी के अवसर पर दोपहर 3:00 से 6:00 तक रहेगा।
















