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भौतिकविज्ञानी श्रोडिंगर के कार्यों का फलक बहुत विराट - डॉ. जोशी
रतलाम। क्वांटम यांत्रिकी के क्षेत्र में किसी भौतिक प्रणाली की अवस्था और समय के साथ उसमें होने वाले बदलावों को सरलता से समझाने वाले प्रसिद्ध 'श्रोडिंगर तरंग समीकरण' की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर शहर में एक विशेष बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन किया गया। ऑस्ट्रियाई भौतिकविद् इरविन श्रोडिंगर द्वारा वर्ष 1926 में प्रतिपादित यह समीकरण आधुनिक भौतिकी में वही भूमिका निभाता है, जो शास्त्रीय भौतिकी में न्यूटन के गति के नियम निभाते हैं।
इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स (IAPT) एवं रतलाम एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स Teachers (RAPT) के संयुक्त तत्वावधान में सांदीपनि विनोबा स्कूल में 'क्वांटम लीजेसी ऑफ एरविन श्रोडिंगर' विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता एवं प्रख्यात भौतिक शास्त्री डॉ. एस.के. जोशी ने कहा कि भौतिकविज्ञानी श्रोडिंगर के कार्यों का फलक अत्यंत विराट रहा है।
वर्तमान युग क्वांटम का, बदलाव की गति काफी तेज: डॉ. जोशी
'श्रोडिंगर का जीव विज्ञान में महत्त्व' विषय पर ध्यान केंद्रित करते हुए मुख्य वक्ता डॉ. एस.के. जोशी ने कहा कि वर्तमान समय पूरी तरह से क्वांटम तकनीक का ही है। इस क्षेत्र में हो रहे नित नए शोध बहुत तेज़ी से बदलती दुनिया में अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
कार्यक्रम में वरिष्ठ भौतिक शास्त्री डॉ. धर्मराज वाघेला ने कहा कि भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में कार्यरत साथियों का इस प्रकार एक मंच पर जुटना और अकादमिक विषयों पर संवाद करना नई उम्मीदें जगाता है। इस प्रकार के वैचारिक आदान-प्रदान का सिलसिला निरंतर बना रहना चाहिए। स्वागत उद्बोधन एवं कार्यक्रम का संक्षिप्त परिचय भी डॉ. वाघेला द्वारा दिया गया।
'श्रोडिंगर कैट' के रहस्य का वीडियो प्रस्तुति से हुआ सरलीकरण
कार्यक्रम के दौरान RAPT के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौर ने भौतिकी के चर्चित विषय 'श्रोडिंगर कैट' (Schrödinger's Cat) के रहस्य पर केंद्रित एक ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति दी। उन्होंने वीडियो के माध्यम से क्वांटम सुपरपोजीशन और वेव फंक्शन कोलैप्स जैसे जटिल सिद्धांतों को बेहद सरल हिंदी भाषा में समझाया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या फिजिक्स का यह सिर चकरा देने वाला प्रयोग कोई वास्तविक प्रयोग था या महज एक अवधारणा? उनकी इस रोचक और सहज प्रस्तुति की उपस्थित शिक्षाविदों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
वरिष्ठ भौतिकविदों का हुआ अभिनंदन
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर अतिथियों डॉ. एस.के. जोशी, डॉ. धर्मराज वाघेला और अमर वरधानी का आत्मीय स्वागत गजेंद्र सिंह राठौर, संदीप जैन, जितेंद्र जोशी, श्यामवंत पुरोहित, अरविंद गुप्ता, वीरेंद्र मिंडा, श्रवण भावसार, सीमा अग्निहोत्री एवं जे.के. गुप्ता ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। तत्पश्चात संस्था RAPT की ओर से डॉ. जोशी, डॉ. वाघेला एवं श्री राठौर का विशेष सम्मान किया गया।
इस अवसर पर श्री राठौर ने कहा कि भौतिकी के क्षेत्र में नए साथियों की सक्रिय भागीदारी सुखद संदेश देती है। कार्यक्रम का सफल संचालन राकेश सिंह जादोन ने किया तथा अंत में आभार प्रदर्शन RAPT अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौर ने व्यक्त किया।
इनकी रही गरिमामयी मौजूदगी
आयोजन में शहर एवं अंचल के कई वरिष्ठ व युवा भौतिकविद उपस्थित रहे। इनमें मुख्य रूप से जितेंद्र जोशी, सुंदरलाल गौड़, वीरेंद्र मिंडा, श्रवण भावसार, संदीप जैन, अशोक कुमार राठौड़, मुकेश गहलोत, दीपक राठौड़, अरविंद गुप्ता, सुधीर गुप्ता, डॉ. ललित मेहता, अर्जुन चौधरी, रितेश त्रिवेदी, ललित गोयल, दिनेश व्यास, अकरम पठान, स्वप्निल शर्मा, शराफत अली, मनीष शर्मा, ज्योति मंडलोई, कृष्णा पाटीदार, सीमा अग्निहोत्री, केतन जोशी, अशोक बिष्ट, आशीष दशोत्तर, सत्यनारायण रूहेल्ला, स्वतंत्र श्रोत्रिय, बिंद्राक्षी पंवार एवं सतीश संजय सर सहित अनेक प्रबुद्धजन शामिल थे।














